हरतालिका तीज पर आस्था का सैलाब
महराजगंज जनपद में आज 14 सितंबर 2026 को अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना के लिए हरतालिका तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस कठिन व्रत के लिए सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं सुबह से ही पूरी श्रद्धा के साथ तैयारियों में जुटी हैं। मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्ति के लिए रखा जाने वाला यह व्रत विशेष फलदायक होता है।
ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय के अनुसार, इस वर्ष सोमवार को हरतालिका तीज का पड़ना और इसी दिन गणेश चतुर्थी का संयोग इसे अत्यंत दुर्लभ और शुभ बनाता है। प्रदोष काल में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का पूजन करना विशेष फलदायी रहेगा। पूजन के लिए प्रदोष काल का शुभ समय शाम 05:30 बजे से शाम 06:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
बाजारों में रौनक और ब्यूटी पार्लर में भीड़
तीज के त्योहार को लेकर महराजगंज मुख्यालय के साथ-साथ फरेंदा, नौतनवां और निचलौल के बाजारों में पिछले एक सप्ताह से काफी उत्साह देखा जा रहा है। रविवार को श्रृंगार सामग्री, चूड़ी, बिंदी, साड़ी और आभूषणों की दुकानों पर महिलाओं की भारी भीड़ रही। कारोबारी शिव पटवा ने बताया कि इस बार पूजन सामग्री के कंबो पैक की काफी मांग रही, जिसे महिलाओं ने दान के लिए अधिक प्राथमिकता दी है।
स्थानीय ब्यूटी पार्लरों में भी दिनभर गहमागहमी बनी रही। मेंहदी लगवाने और मेकअप के लिए महिलाओं ने पहले से ही बुकिंग कराई थी। मेंहदी आर्टिस्ट हिना खान के अनुसार, इस बार राजस्थानी बेल-बूटे वाली मेंहदी डिजाइन महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई है।
व्रत की कठिन परंपरा और उत्साह
हरतालिका तीज को तीनों तीजों में सबसे कठिन माना जाता है, जिसमें महिलाएं 24 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं। स्थानीय निवासी पुनीता पांडेय ने बताया कि घर के सभी सदस्य इस व्रत में सहयोग करते हैं। वहीं, ज्योत्सना शुक्ला का कहना है कि यह व्रत वे शादी से पहले से रखती आ रही हैं और परिवार का पूरा सहयोग उन्हें हर साल मिलता है। आज शाम विधि-विधान से पूजन के बाद महिलाएं श्रृंगार सामग्री का संकल्प दान करेंगी। प्रशासन और धार्मिक जानकारों ने चतुर्थी मिश्रित तिथि होने के कारण चंद्र दर्शन न करने की सलाह भी दी है।