गोपालगंज जनता दरबार में भूमि विवादों की भरमार
गोपालगंज जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को आयोजित जनता दरबार में प्रशासनिक तत्परता देखने को मिली। जिला पदाधिकारी (डीएम) समीर सौरभ ने जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। आज के जनता दरबार में कुल 35 मामले सुनवाई के लिए पहुंचे, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा भूमि विवादों से संबंधित था।
22 मामले जमीन से जुड़े, सख्त जांच के आदेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनता दरबार में आए कुल 35 आवेदनों में से 22 मामले सीधे तौर पर भूमि विवाद से जुड़े पाए गए। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए डीएम समीर सौरभ ने संबंधित अंचल अधिकारियों और थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इन विवादों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएं। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होती है, इसलिए इनका निस्तारण बिना किसी ढिलाई के किया जाना चाहिए।
प्रशासन की कार्यप्रणाली और निर्देश
डीएम ने जनता दरबार के दौरान फरियादियों से वन-टू-वन संवाद किया और प्रत्येक आवेदन पर संबंधित विभागों के अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी ली। कई मामलों में, जहां दस्तावेजों की कमी थी या जांच लंबित थी, वहां डीएम ने समयबद्ध सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण के बाद इसकी रिपोर्ट सीधे उनके कार्यालय को सौंपी जाए।
आम जनता के लिए क्या है स्थिति
जनता दरबार का आयोजन जिला प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का एक प्रमुख माध्यम है। आज के दरबार में प्रमुख रूप से भूमि विवाद, अतिक्रमण, और सरकारी योजनाओं के लाभ न मिलने जैसी शिकायतें सामने आईं। प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि जिले में किसी भी तरह की प्रशासनिक लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी शिकायतों से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर ही जनता दरबार में आएं, ताकि कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।