नगर पालिका क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर आक्रोश
कुशीनगर के हाटा नगर पालिका क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही बिजली की अनियमित आपूर्ति के खिलाफ लोगों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। मंगलवार को सैकड़ों युवाओं ने पड़री फीडर की लचर व्यवस्था के विरोध में हाटा स्थित 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उपकेंद्र परिसर में बैठकर धरना दिया और क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से सुधार की मांग की।
प्रशासनिक आश्वासन और विवाद की जड़
प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि हाटा नगर पालिका में ग्राम सभाओं के विलय के आठ साल बाद भी उन्हें शहरी बिजली सुविधा नहीं मिल रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि लगभग डेढ़ महीने पहले स्थानीय विधायक मोहन वर्मा के माध्यम से विद्युत विभाग को पत्र सौंपा गया था। उस समय तत्कालीन एक्सईएन दुर्गेश यादव ने 15 दिनों के भीतर पड़री फीडर को नगरीय व्यवस्था से जोड़ने का लिखित आश्वासन दिया था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है।
पुलिस और अधिकारियों की मौजूदगी में बनी सहमति
प्रदर्शन के दौरान बिजली कटौती की समस्या को लेकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ग्रामीण फीडर होने के कारण उन्हें रात में भी घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ती है, जिससे तीज व्रत करने वाली महिलाओं और स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। सूचना मिलते ही हाटा पुलिस और विद्युत विभाग के एसडीओ बलदेव सिंह तथा जेई अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे।
एसडीओ बलदेव सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मंगलवार शाम से ही पड़री फीडर को शहरी विद्युत व्यवस्था से जोड़ने की तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पट्टन के माध्यम से इस फीडर को अब शहर के शेड्यूल से जोड़ा जाएगा, जिससे लगभग 21.5 घंटे की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी और रात की रोस्टिंग से मुक्ति मिलेगी। अधिकारियों से मिले नए लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त किया।
भविष्य के आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय निवासियों ने विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी समयबद्ध तरीके से फीडर का नगरीकरण नहीं हुआ और बिजली कटौती की समस्या यथावत रही, तो वे दोबारा उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। बिजली विभाग ने स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया है, लेकिन क्षेत्र के लोग अब समाधान के प्रति पूरी तरह सतर्क हैं।