Friday, 18 September 2026 | पूर्वांचल संस्करण • कुशीनगर केंद्रबिंदु
🔴 24x7 लाइव न्यूज़ डेस्क
• कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, गोपालगंज
हाइपरलोकल न्यूज़ प्लेटफॉर्म निष्पक्ष • प्रामाणिक • सबसे पहले

Maharajganj News: निचलौल में बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान, उमस बढ़ी

🎙️ खबर सुनें (AI वॉइस रीडर)

निचलौल में बिजली संकट से आम जनजीवन प्रभावित

महाराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र में इन दिनों बिजली की अघोषित कटौती और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से उपभोक्ता बेहाल हैं। विद्युत उपकेंद्र निचलौल से जुड़े नगर पंचायत और आसपास के दर्जनों गांवों के निवासी पिछले कई दिनों से अनियमित विद्युत आपूर्ति का सामना कर रहे हैं। भीषण उमस और गर्मी के मौसम में रात के समय बिजली गुल होने से लोगों की दिनचर्या और नींद पर बुरा असर पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं का क्या है कहना

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली विभाग द्वारा आपूर्ति का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं किया गया है। स्थानीय निवासी रवि भाटिया ने बताया कि दिन हो या रात, अघोषित कटौती के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अनूप नामक एक अन्य उपभोक्ता का कहना है कि अचानक बिजली गुल होने से घरेलू कामकाज पूरी तरह से ठप हो जाते हैं, जिससे गृहणियों और छात्रों को सबसे अधिक परेशानी होती है। बिजली की इस आंखमिचौली से दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के काम पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

क्या है विद्युत विभाग का पक्ष

उपभोक्ताओं की शिकायतों के जवाब में विद्युत उपकेंद्र निचलौल के एसडीओ नैयर अनवर ने स्पष्ट किया है कि उपकेंद्र के स्तर पर किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजली की आपूर्ति में बाधा का मुख्य कारण 33 केवी लाइन की रोस्टिंग है। एसडीओ ने बताया कि उच्च स्तर से जैसे ही विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित होती है, स्थानीय स्तर पर आपूर्ति को तुरंत सुचारू कर दिया जाता है। विभाग का दावा है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

स्थानीय लोगों के लिए सावधानी

बिजली विभाग ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे बिजली जाने की स्थिति में धैर्य बनाए रखें और किसी भी प्रकार के अनधिकृत तारों या उपग्रहों से छेड़छाड़ न करें। वर्तमान में अघोषित कटौती के कारण शाम और रात के समय में अचानक अंधेरा होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, इसलिए घरों में आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था (इमरजेंसी लाइट या टॉर्च) तैयार रखने की सलाह दी जाती है। प्रशासन की ओर से अब तक किसी विशेष राहत शिविर या विकल्प की घोषणा नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों की निर्भरता विभाग की आपूर्ति पर ही बनी हुई है।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

संबंधित और अन्य महत्वपूर्ण खबरें

✍️ अपनी राय दें (Leave a Comment)

आपका ईमेल पता सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।