असम में गोपालगंज के इंजीनियर की संदिग्ध मौत से सनसनी
बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले एक सिविल इंजीनियर की असम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक इंजीनियर की पहचान दीपक ठाकुर के रूप में हुई है, जो असम में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। इंजीनियर का शव कंपनी परिसर के समीप स्थित एक तालाब से बरामद किया गया है। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
परिजनों का आरोप: यह हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या है
मृतक के परिजनों ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि दीपक की मौत डूबने से नहीं हुई है, बल्कि उनकी हत्या की गई है। उनके अनुसार, इंजीनियर की गर्दन पर धारदार हथियार के निशान मिले हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि किसी ने गला रेतकर उनकी हत्या की और फिर शव को तालाब में फेंक दिया ताकि इसे एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके। परिजनों ने इस पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि हत्या के पीछे के असल कारणों और दोषियों का पता लगाया जा सके।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर टिकीं निगाहें
फिलहाल, स्थानीय पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है। हालांकि, मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के गंभीर आरोपों के बाद, पुलिस अब कंपनी के अन्य कर्मचारियों और घटना स्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। यह मामला न केवल मृतक के परिवार के लिए गहरा सदमा है, बल्कि क्षेत्र के लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
न्याय की गुहार
परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। वर्तमान में, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसके बाद ही पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी। स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता भी पीड़ित परिवार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहे हैं।