भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष का इस्तीफा
कुशीनगर जिले में भाजपा संगठन के भीतर उस समय हलचल मच गई, जब महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष चंद्रप्रभा पांडेय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना विधिवत त्यागपत्र कुशीनगर भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय को शनिवार को प्रेषित कर दिया है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
संगठन में उपेक्षा का लगाया आरोप
अपने त्यागपत्र में चंद्रप्रभा पांडेय ने विस्तार से उन कारणों का उल्लेख किया है, जो उनके इस फैसले के पीछे प्रमुख रहे। उन्होंने बताया कि वे पिछले करीब 10 वर्षों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ भाजपा संगठन के लिए काम कर रही हैं। वर्ष 2018 से महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन और पारिवारिक जिम्मेदारियों से ऊपर उठकर पार्टी को मजबूती प्रदान की।
श्रीमती पांडेय ने आरोप लगाया कि उन्हें यह एहसास कराया गया कि संगठन में मुख्य पदों पर उनकी नियुक्ति में ‘ब्राह्मण’ होने की बाधा बताई गई, जो उनके लिए बेहद पीड़ादायक रही। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह कहकर समझाया गया कि आप ब्राह्मण हैं, इसलिए आपको मुख्य संगठन में स्थान नहीं मिल सका। इस बात ने मुझे भीतर तक आहत किया है।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी जातिगत आधार या व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए काम नहीं किया, बल्कि हमेशा पार्टी की विचारधारा और उसकी मजबूती को सर्वोपरि रखा है।
पार्टी के साथ वैचारिक संबंध बरकरार
इस्तीफा देने के बावजूद, चंद्रप्रभा पांडेय ने यह भी स्पष्ट किया कि वे भाजपा की विचारधारा से अलग नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका मन वर्तमान परिस्थितियों से दुखी जरूर है, लेकिन पार्टी से उनका वैचारिक जुड़ाव बना रहेगा। भविष्य में भी वह पार्टी के हित में अपना योगदान देना जारी रखेंगी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं था।
नेतृत्व की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि श्रीमती पांडेय पार्टी की एक बेहद समर्पित कार्यकर्ता रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी में उनका हमेशा से सम्मान रहा है और उनके सम्मान में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठन में गुटीय संतुलन और पद वितरण को लेकर यह घटना जिले में पार्टी की आंतरिक स्थिति पर एक सवालिया निशान की तरह देखी जा रही है।