Sunday, 20 September 2026 | पूर्वांचल संस्करण • कुशीनगर केंद्रबिंदु
🔴 24x7 लाइव न्यूज़ डेस्क
• कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, गोपालगंज
हाइपरलोकल न्यूज़ प्लेटफॉर्म निष्पक्ष • प्रामाणिक • सबसे पहले

महाराजगंज: जार्डन के टूटे फोन से मिले बच्चों के 113 अश्लील वीडियो

🎙️ खबर सुनें (AI वॉइस रीडर)

फॉरेंसिक जांच में हुआ बड़ा खुलासा

महाराजगंज में एक महत्वपूर्ण कानूनी और सुरक्षा संबंधी मामले में, फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट से फरार हुए ब्रिटिश नागरिक जार्डन ब्राउन के टूटे हुए मोबाइल फोन से 113 बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो बरामद किए गए हैं। यह बरामदगी उस समय हुई जब विशेषज्ञों ने फोन के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद उसके लगभग 80 फीसदी डेटा को सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया।

लंबे समय से एजेंसियों की नजर में था आरोपी

आरोपी जार्डन ब्राउन पिछले आठ महीनों से सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बाहर था। दिल्ली एयरपोर्ट से फरार होने के बाद से ही पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, जांचकर्ताओं ने उसके जब्त किए गए मोबाइल फोन को तकनीकी विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा था। फोन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बावजूद, विशेषज्ञों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए फोन की फाइल मेमोरी से ये वीडियो बरामद किए हैं।

जांच प्रक्रिया और कानूनी कदम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये अश्लील वीडियो सीधे मोबाइल कैमरे की फाइल में मिले हैं, जो मामले को और अधिक गंभीर बनाते हैं। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डेटा रिकवरी से मिली यह जानकारी आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में ठोस सबूत का काम करेगी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन वीडियो को कहां से एक्सेस किया गया था और इनके पीछे कौन से अन्य लोग शामिल हो सकते हैं।

स्थानीय सुरक्षा और प्रशासन पर असर

इस खुलासे के बाद महाराजगंज सहित पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ गई है। बच्चों से संबंधित इस तरह के गंभीर मामले में साक्ष्यों का मिलना न केवल आरोपी की मुश्किलें बढ़ाता है, बल्कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। प्रशासन की ओर से अब इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में, जांच एजेंसियां फॉरेंसिक रिपोर्ट के शेष 20 प्रतिशत डेटा को रिकवर करने की दिशा में भी काम कर रही हैं ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

संबंधित और अन्य महत्वपूर्ण खबरें

✍️ अपनी राय दें (Leave a Comment)

आपका ईमेल पता सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।