महाराजगंज में विधायक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
महाराजगंज जनपद में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक विधायक पर महापुरुषों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया। गुरुवार को आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष अखिलेश आजाद के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर जमकर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
क्या है पूरा मामला?
आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों के अनुसार, यह घटना 23 सितंबर को निचलौल के राजेंद्र प्रसाद तारा चंद पीजी कॉलेज में आयोजित एक रोजगार मेला एवं नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान हुई थी। आरोप है कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक ने अपने संबोधन के दौरान बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के संबंध में अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की। कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था, जिसे बाद में हटा दिया गया।
प्रशासन से की गई ये मांगें
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को संबोधित अपने ज्ञापन में आजाद समाज पार्टी ने स्पष्ट रूप से विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी की प्रमुख मांगों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- संबंधित मामले में तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
- घटना के दौरान के कथित ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जाए।
- इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को प्रशासन द्वारा सुरक्षित रखा जाए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
- विधायक के इस आचरण पर उनके विरुद्ध उचित कानूनी धाराएं लगाई जाएं।
स्थानीय स्तर पर चर्चा और सुरक्षा व्यवस्था
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें राजवीर, धर्मराज और रणविजय प्रमुख रूप से शामिल थे। कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए इस तरह के बयानों को समाज के लिए हानिकारक बताया। फिलहाल, इस मामले पर प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी या प्राथमिकी दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।