घटना का पूरा विवरण
महाराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नरकटहां के छोटका टोले में शुक्रवार शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां तीन वर्षीय मासूम प्रीति की घर के बगल में स्थित एक जलभराव वाले गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतका अपने माता-पिता, दिलीप और शिवानी की इकलौती संतान थी। घटना उस समय हुई जब बच्ची अपने घर के दरवाजे पर खेल रही थी और उसकी मां किसी घरेलू काम से कुछ क्षणों के लिए अंदर गई थी।
जब मां शिवानी वापस लौटी, तो उसने प्रीति को वहां नहीं पाया। खोजबीन शुरू करने पर, घर से करीब आठ फीट की दूरी पर स्थित उसी गड्ढे के पास उसे प्रीति का खिलौना पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पानी में तलाश शुरू की, जिसके बाद बच्ची का शव तल में मिला।
पिता ने खुदवाया था गड्ढा, हैदराबाद में है कार्यरत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह गड्ढा प्रीति के पिता दिलीप द्वारा मछली पालन के उद्देश्य से खुदवाया गया था। हाल ही में हुई बारिश के कारण गड्ढा पानी से भर गया था। परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा जब उन्हें अपनी इकलौती बेटी को खोना पड़ा। गौरतलब है कि दिलीप रोजी-रोटी की तलाश में घटना के महज 10 दिन पहले ही हैदराबाद काम करने गए थे, जहां वह पेंट-पॉलिश का कार्य करते हैं। प्रीति के माता-पिता का विवाह पांच वर्ष पूर्व हुआ था और तीन वर्षीय प्रीति उनके जीवन का एकमात्र सहारा थी।
मामले की वर्तमान स्थिति और गांव में शोक
इस दुखद हादसे के बाद से पूरे नरकटहां गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रीति की असामयिक मृत्यु ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीण शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह घटना एक बड़ी त्रासदी के रूप में देखी जा रही है, जिसने सुरक्षा के प्रति सावधानी बरतने की एक गंभीर चेतावनी भी दी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की स्थिति से अवगत है, हालांकि परिवार इस समय गहरे दुख में डूबा हुआ है और किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही के बजाय अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा है।
स्थानीय लोगों के लिए सावधानी
इस घटना के बाद, स्थानीय निवासियों को विशेष रूप से सलाह दी जाती है कि वे अपने घरों के आसपास मौजूद खुले गड्ढों, पोखरों या जलभराव वाले स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। बच्चों को ऐसी जगहों के पास अकेला न छोड़ें। यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर खतरनाक गड्ढे हैं, तो संबंधित ग्राम पंचायत या नगर निगम को सूचित करना अनिवार्य है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।