महाराजगंज के सुकरौली में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ी जानकारी
महाराजगंज जिले के सुकरौली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को अन्यत्र स्थानांतरित करने की अटकलों पर स्वास्थ्य विभाग ने विराम लगा दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जाएगा और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं इसी परिसर के भीतर ही उपलब्ध कराई जाएंगी। जर्जर भवन की समस्या को देखते हुए विभाग ने ध्वस्तीकरण और नए निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन जब तक नया भवन बनकर तैयार नहीं होता, सेवाएं परिसर में ही वैकल्पिक रूप से जारी रहेंगी।
जर्जर भवन के बीच जोखिम से जूझ रहे स्वास्थ्यकर्मी
सुकरौली पीएचसी का वर्तमान भवन काफी समय से जर्जर अवस्था में है। अस्पताल की ओपीडी कक्ष की छत का हिस्सा गिर जाने की घटनाओं के बाद भवन को खतरनाक घोषित करते हुए नोटिस चस्पा की गई थी। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकने और प्लास्टर गिरने के लगातार खतरों के बीच, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। वर्तमान में ओपीडी का संचालन चिकित्सक आवास वाले हिस्से से किया जा रहा है ताकि स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए भटकना न पड़े।
प्रशासन की भविष्य की कार्ययोजना
सीएचसी देवतहा के प्रभारी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि विभाग अस्पताल के नए निर्माण के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा, ‘पीएचसी सुकरौली को कहीं और शिफ्ट करने की कोई योजना नहीं है। विभागीय स्तर पर भवन के ध्वस्तीकरण और नए निर्माण के लिए रिपोर्ट और बजट की प्रक्रिया चल रही है।’ उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि निर्माण कार्य शुरू होने के दौरान मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए परिसर में ही या पास के किसी सुरक्षित विभागीय भवन में ओपीडी संचालित करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
अफवाहों पर ध्यान न दें मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे पीएचसी के बंद होने या शिफ्ट होने संबंधी अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। वर्तमान में पीएचसी पर दो पुरुष और एक महिला चिकित्सक की टीम नियमित रूप से ओपीडी सेवाएं दे रही है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य सुकरौली के ग्रामीणों को उनके निकटतम क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। विभाग की टीम भवन निर्माण प्रक्रिया की निगरानी कर रही है ताकि जल्द से जल्द एक सुरक्षित और आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा किया जा सके।