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महाराजगंज: नौतनवा के चकदह गांव में मगरमच्छों का डेरा, ग्रामीणों में दहशत

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नौतनवा क्षेत्र के चकदह गांव में मगरमच्छों का बढ़ता खतरा

महाराजगंज जिले के नौतनवा क्षेत्र के चकदह गांव में इन दिनों ग्रामीणों के बीच भारी दहशत का माहौल है। गांव के शाहपुर टोले के पास स्थित बघेला नदी और आसपास के जलभराव वाले इलाकों में पिछले एक माह से दो मगरमच्छ देखे जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये मगरमच्छ अक्सर नदी से निकलकर आबादी की ओर आ रहे हैं, जिससे न केवल खेतों में काम करने वाले किसान बल्कि बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंताएं

ग्रामीणों के मुताबिक, शाहपुर गांव के पास सड़क किनारे बने जलभराव वाले गड्ढे में ये मगरमच्छ बीते एक महीने से लगातार देखे जा रहे हैं। बंदेश्वर सिंह, शिवनाथ, दीपचंद, अनिल, विक्रम, राम बहाल और संजय जैसे स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस इलाके में पहले भी जंगली जानवरों का डर बना रहता है, जहां अक्सर तेंदुआ जंगल से निकलकर मवेशियों को अपना शिकार बनाता रहा है। अब जलीय जीवों के रिहायशी इलाकों के करीब आने से ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

वन विभाग ने दी चेतावनी

सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज के अधिकारियों ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट की है। उत्तरी चौक रेंजर रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नेपाल से आने वाली नदियों में आई बाढ़ के कारण जलीय जीवों का प्रवाह आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ा है। रेंजर के अनुसार, बघेला नदी के कुंडों में मगरमच्छों की संख्या काफी अधिक है। उन्होंने ग्रामीणों को आगाह करते हुए कहा कि मगरमच्छ एक अत्यंत घातक जलीय जीव हैं जो अचानक हमला कर सकते हैं। विभाग की ओर से सलाह दी गई है कि ग्रामीण विशेष रूप से नदी के किनारे अपने मवेशियों को न ले जाएं और सावधानी बरतें।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन की स्थिति

फिलहाल वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी तक इन मगरमच्छों को रेस्क्यू करने या पकड़ने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन रेंजर ने इस बात की पुष्टि की है कि भौगोलिक परिस्थितियों के चलते नदियों के जलस्तर के साथ ऐसे जीवों का रिहायशी इलाकों में आना चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा के उचित प्रबंध करने और इन मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है ताकि जान-माल का कोई बड़ा नुकसान न हो।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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