थावे मंदिर में शारदीय नवरात्रि की भव्य शुरुआत
बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर में आज शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से ही विशेष रौनक है। कलश स्थापना के साथ ही देवी के नौ स्वरूपों की आराधना का महापर्व शुरू हो गया है। मंदिर के कपाट मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए हैं। माता सिंहासिनी के दर्शन के लिए अलसुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
माता सिंहासिनी और रहषु भगत की पौराणिक कथा
थावे दुर्गा मंदिर की ख्याति केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी फैली हुई है। लोकमान्यताओं के अनुसार, इस सिद्धपीठ का गहरा संबंध भक्त रहषु और माता सिंहासिनी से है। कहा जाता है कि माता की अनन्य भक्त रहषु की भक्ति से प्रसन्न होकर देवी ने चमत्कार दिखाए थे। आज भी भक्त मंदिर प्रांगण में आकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और माता सिंहासिनी से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं।
नवरात्रि के दौरान दर्शन की विशेष व्यवस्था
नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस बल द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है और मंदिर परिसर में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कतारबद्ध होकर ही माता के दर्शन करें। मंदिर के आसपास के क्षेत्र में भी साफ-सफाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा के साथ-साथ थावे मंदिर में विशेष आरती और भोग का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां की छटा देखते ही बनती है और पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।