महाराजगंज में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर ब्लॉक में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने लामबंद होकर प्रदर्शन किया। अपनी लंबित मांगों के समर्थन में इन कार्यकर्ताओं ने नौतनवा के विधायक ऋषि त्रिपाठी से मुलाकात की और उन्हें मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
प्रमुख मांगें और सरकार से अपील
ज्ञापन सौंपते हुए ब्लॉक अध्यक्ष चित्रकान्ति ने कहा कि आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और लाभार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में वे दिन-रात काम करती हैं, फिर भी उन्हें उचित सम्मान और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।
कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- आशा एवं आशा संगिनी को ‘राज्य कर्मचारी’ का दर्जा दिया जाए।
- कार्यकर्ताओं के लिए एक निश्चित और सम्मानजनक ‘निश्चित मानदेय’ निर्धारित किया जाए।
- लंबे समय से लंबित अन्य विभागीय मांगों का त्वरित समाधान किया जाए।
कार्य बहिष्कार जारी रहने की चेतावनी
संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार के उदासीन रवैये के कारण आशा कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है। ब्लॉक अध्यक्ष चित्रकान्ति ने दोहराया कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांगों को स्वीकार करने की घोषणा नहीं करती, तब तक वे अपने कार्यों का पूर्ण बहिष्कार जारी रखेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधायक के माध्यम से सरकार तक उनकी बात पहुंचेगी और जल्द ही वार्ता के जरिए समस्याओं का समाधान निकलेगा।
प्रदर्शन के दौरान प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। ज्ञापन सौंपने के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष चित्रकान्ती के साथ संगठन के संरक्षक शिवभुजा पाण्डेय, संयोजक रामबहाल मौर्य, संजय पांडेय, मंजू गौड़, विंध्यवासिनी और जमीला सहित अन्य कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल रहीं। कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों के पक्ष में नारेबाजी भी की। स्थानीय प्रशासन और विधायक ने उनकी मांगों को सुनकर शासन स्तर पर अवगत कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन वर्तमान में आशा कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार जारी रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना बनी हुई है।