विधि शिक्षा में गोरखपुर की मेधावी बेटी का शानदार प्रदर्शन
गोरखपुर की रहने वाली सौम्या गिरि ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा से न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे शहर का मान बढ़ाया है। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के पंचम दीक्षांत समारोह में सौम्या को एल.एल.एम. (LL.M.) पाठ्यक्रम में उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पाकर उन्होंने विधि के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है।
दीक्षांत समारोह में मिला विशेष सम्मान
17 अक्टूबर 2026 को आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान सौम्या गिरि को यह प्रतिष्ठित पदक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर-कमलों से प्राप्त हुआ। इस विशेष अवसर पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति अरुण भंसाली की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने पर सौम्या ने इसे अपने जीवन का एक यादगार क्षण बताया है।
मेहनत और लगन का परिणाम
सौम्या की यह सफलता उनके अथक परिश्रम और शिक्षा के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम है। इस उपलब्धि के बाद उनके परिवार और परिचितों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सौम्या के पिता योगेन्द्र गिरि दीवानी कचहरी में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता हैं, वहीं उनकी माता श्रीमती इंदु गिरि अयोध्या दास राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में शिक्षा के माहौल के बीच पली-बढ़ी सौम्या ने अपनी इस कामयाबी से साबित कर दिया है कि उचित मार्गदर्शन और मेहनत से बड़ी सफलताएं हासिल की जा सकती हैं।
शुभचिंतकों ने दी बधाई
सौम्या की इस कामयाबी पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनके चाचा सुरेन्द्र गिरि, जो भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, ने सौम्या की इस उपलब्धि को परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया है। क्षेत्र के तमाम गणमान्य व्यक्तियों और शुभचिंतकों ने उन्हें इस सफलता पर बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सौम्या की यह उपलब्धि निश्चित रूप से अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनी है, जो कानूनी शिक्षा और उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहते हैं।