सड़क की बदहाली से नाराज वार्डवासी
महराजगंज जिले के सोनौली नगर पंचायत के वार्ड-एक, अंबेडकर नगर में निवासियों का सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। पिछले आठ वर्षों से बदहाल सड़क को लेकर स्थानीय लोगों ने अब चुनावी बहिष्कार का एलान कर दिया है। क्षेत्र में हर तरफ ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर लगे देखे जा सकते हैं, जो नगर के विकास कार्यों की पोल खोल रहे हैं।
मकानों और खंभों पर चस्पा किए गए पोस्टर
स्थानीय निवासी शेषनाथ गिरी, नरेश कुमार, पवन कुमार, रामचंदर, दुर्गेश, दुर्गावती, कलावती और प्रमोद ने बताया कि उन्होंने सड़क सुधारने की मांग को लेकर अपने मकानों की दीवारों और सार्वजनिक बिजली के खंभों पर पोस्टर चिपका दिए हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो वे आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे।
गड्ढों में तब्दील हो चुकी है सड़क
वार्डवासियों का कहना है कि वर्षों से मरम्मत न होने के कारण पुरानी सड़क की गिट्टियां पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। सड़क जगह-जगह गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर स्कूली बच्चों के लिए यह सड़क किसी मुसीबत से कम नहीं है, जहां आए दिन बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं, रात के अंधेरे में दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
प्रशासन का क्या है पक्ष?
क्षेत्रीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत कार्यालय में अपनी समस्या दर्ज कराई, लेकिन हर बार उन्हें केवल झूठे आश्वासन ही मिले। इस पूरे मामले पर सोनौली के अधिशासी अधिकारी (ईओ) संदीप सरोज ने कहा, ‘वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर के निवासियों द्वारा विरोध प्रदर्शन और पोस्टर लगाए जाने की जानकारी हमें प्राप्त हुई है। इस सड़क के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है और इसे शीघ्र ही शासन के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।’
स्थानीय लोगों पर असर
सड़क की खराब स्थिति के कारण वार्ड-एक में रहने वाले सैकड़ों लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। निवासियों का कहना है कि विकास के तमाम वादों के बावजूद उन्हें आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही ठोस कार्रवाई शुरू नहीं की, तो उनका यह विरोध और अधिक उग्र हो सकता है। फिलहाल, क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की ओर से अब ठोस पहल की प्रतीक्षा की जा रही है।