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महराजगंज न्यूज़: देर रात तक मोबाइल के इस्तेमाल से बिगड़ रही नींद की सेहत

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देर रात तक मोबाइल का बढ़ता इस्तेमाल

महराजगंज जिले में भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियंत्रित दिनचर्या के चलते लोगों की नींद पर गहरा असर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रात के समय मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग नींद में बाधा डालने वाले प्रमुख कारकों में से एक बनकर उभरा है। इस आदत के कारण न केवल रात की नींद प्रभावित हो रही है, बल्कि अगले दिन की कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

जिला अस्पताल महराजगंज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क के लिए पर्याप्त और गहरी नींद अत्यंत आवश्यक है। नींद पूरी न होने के कारण स्थानीय निवासियों में दिनभर थकान, सुस्ती, और चिड़चिड़ापन जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह व्यक्ति की कार्यक्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है और भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को जन्म दे सकती है।

नींद की कमी के मुख्य लक्षण और प्रभाव

  • सुबह उठने के बाद भी अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस होना।
  • छोटी-छोटी बातों पर झुंझलाहट और मानसिक चिड़चिड़ापन।
  • किसी भी काम या अध्ययन में एकाग्रता (Concentration) की कमी।
  • अक्सर सिर भारी रहना और ध्यान केंद्रित न कर पाना।
  • लंबे समय तक नींद न आने से मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए सलाह

डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने महराजगंज के नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और एक व्यवस्थित दिनचर्या अपनाएं। बेहतर नींद के लिए सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए सोने और जागने का एक निश्चित समय निर्धारित करना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके नींद की इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे दैनिक कार्यों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित हो सके।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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