शारदीय नवरात्र की नवमी पर धार्मिक आयोजन
महाराजगंज जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार को शारदीय नवरात्र की नवमी अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने घरों में विधि-विधान के साथ कन्या पूजन किया और देवी मां की विशेष आराधना की। अड्डा बाजार सहित आसपास के विभिन्न गांवों में नवमी के दिन सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया था।
कन्या पूजन और हवन का महत्व
नवमी के पावन पर्व पर व्रतियों ने नौ कन्याओं के चरण पखार कर उन्हें सम्मानपूर्वक भोजन कराया और आशीर्वाद लिया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, श्रद्धालुओं ने ब्राह्मणों को आमंत्रित किया और पूरी निष्ठा के साथ हवन संपन्न कराया। अड्डा बाजार, भैसहिया पाठक, बैजनाथपुर चरका, बरवाखुर्द, परसौनी कला, चमैनिया उर्फ भेड़ही, संपतिहा, बैरिया बाजार, पैसिया बाबू और कौलही सहित कई अन्य गांवों में स्थित पंडालों में देवी मां के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
क्षेत्र के प्रसिद्ध पंडित गुड्डू मिश्र ने बताया कि नौ दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान में नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सुबह 9:36 बजे तक नवमी तिथि बनी रहेगी। इस दौरान श्रद्धालु हवन कर सकेंगे और इसके उपरांत दशमी तिथि में व्रती अपना पारण पूर्ण करेंगे। हवन मंत्रों के उच्चारण और महिलाओं द्वारा गाए गए पारंपरिक मंगल गीतों से पूरा इलाका भक्तिमय बना रहा।
स्थानीय माहौल और श्रद्धा
क्षेत्र के निवासियों ने पूरी श्रद्धा के साथ इस पर्व को मनाया। ग्रामीण अंचलों में दुर्गा पंडालों के पास सुरक्षा और शांति के बीच भक्तों ने दर्शन किए। प्रशासन द्वारा भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती गई। घरों में विशेष पकवान और प्रसाद का वितरण किया गया, जिससे त्योहार का उत्साह और भी बढ़ गया। सोमवार को दिन भर चली पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु मंगलवार सुबह के पारण का इंतजार कर रहे हैं।