आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों की मांग
महराजगंज जिले में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश की जिला इकाई ने आवासीय कॉलोनियों में दुकानों के संचालन को लेकर बड़ी मांग उठाई है। व्यापारियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा है। व्यापारियों का कहना है कि आवास विकास परिषद और विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित कॉलोनियों में बाजारों की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण आम निवासियों और छोटे दुकानदारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
व्यापारियों का तर्क और प्रमुख मांगें
कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवासीय कॉलोनियों के भीतर दुकानों के संचालन के लिए औपचारिक अनुमति प्रदान की जाए। इसके साथ ही, पुराने बाजारों को नियमित करने के लिए एक स्पष्ट कानूनी नीति बनाने का आग्रह किया गया है।
संगठन के जिलाध्यक्ष फूलचंद अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी सरकार के राजस्व में लगातार योगदान दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारी व्यावसायिक बिजली बिल, कमर्शियल हाउस टैक्स, जीएसटी और इनकम टैक्स जैसे करों का भुगतान नियमित रूप से करते हैं। इन सबके बावजूद, दुकानों को लेकर की जा रही कार्रवाई से व्यापारियों में रोष है।
अवैध निर्माण जांच की उठी मांग
व्यापार मंडल ने केवल अनुमति की मांग ही नहीं की, बल्कि प्रशासन से जांच की भी अपील की है। पदाधिकारियों का आरोप है कि अवैध निर्माण के मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुकानों को हटाने के बजाय उन्हें वैध बनाने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए ताकि स्थानीय व्यापार प्रभावित न हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे प्रतिनिधि
इस अवसर पर व्यापार मंडल के कई प्रमुख पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपते समय मुख्य रूप से दीपक अग्रवाल, विवेक गुप्ता, अशोक टिबड़ेवाल और मनोज सिंघानिया समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे। स्थानीय व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस ज्ञापन पर संज्ञान लेगी और आवासीय कॉलोनियों में संचालित छोटे व्यवसायों के लिए एक समाधानकारी नीति तैयार करेगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस ज्ञापन पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन व्यापारियों ने अपनी बात मजबूती से जिला प्रशासन के सामने रखी है।