Monday, 2 November 2026 | पूर्वांचल संस्करण • कुशीनगर केंद्रबिंदु
🔴 24x7 लाइव न्यूज़ डेस्क
• कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, गोपालगंज
हाइपरलोकल न्यूज़ प्लेटफॉर्म • निष्पक्ष • प्रामाणिक • सबसे पहले

कुशीनगर: पडरौना बिजली घर में आउटसोर्सिंग कर्मी को प्रभार मामले की शासन से शिकायत

🎙️ खबर सुनें (AI वॉइस रीडर)

पडरौना बिजली उपकेंद्र स्टोर में आउटसोर्सिंग कर्मचारी की भूमिका पर सवाल

कुशीनगर के पडरौना विद्युत उपकेंद्र के स्टोर में आउटसोर्सिंग कर्मचारी अमित सिंह को स्टोर का प्रभार सौंपने और प्रभारी योगेन्द्र कुमार गुप्ता द्वारा अपनी यूजर आईडी-पासवर्ड देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब यह विवाद प्रदेश के उच्च शासनिक स्तर तक पहुँच गया है। भ्रष्टाचार अन्वेषण एवं मानवाधिकार परिषद ने प्रमुख सचिव ऊर्जा और उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अध्यक्ष को औपचारिक शिकायत भेजकर इस प्रकरण की गहन और स्वतंत्र जांच की मांग की है।

प्रशासनिक और तकनीकी अनियमितताओं के आरोप

शिकायतकर्ता का मुख्य आरोप है कि पडरौना स्टोर के प्रभारी योगेन्द्र कुमार गुप्ता ने बिना किसी सक्षम उच्चाधिकारी के लिखित आदेश या अनुमति के स्टोर का कार्यभार एक आउटसोर्सिंग कर्मी को सौंप दिया। शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि स्टोर के संवेदनशील डिजिटल रिकॉर्ड और लॉगिन आईडी को किसी बाहरी या आउटसोर्सिंग कर्मचारी को देना विभागीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।

शिकायत में मांग की गई है कि योगेन्द्र कुमार गुप्ता की यूजर आईडी से हुई गतिविधियों की तकनीकी जांच की जाए। इसमें लॉगिन हिस्ट्री, ऑडिट ट्रेल, आईपी एड्रेस और डिवाइस विवरण की पड़ताल करने पर जोर दिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किसके द्वारा और किस प्रकार किया गया है।

स्टॉक और अभिलेखों के भौतिक सत्यापन की मांग

भ्रष्टाचार अन्वेषण एवं मानवाधिकार परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल डिजिटल डेटा ही नहीं, बल्कि स्टोर के स्टॉक रजिस्टर, सामग्री प्राप्ति एवं निर्गमन रजिस्टर और गेट पास का भी भौतिक सत्यापन आवश्यक है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि यदि विभागीय अभिलेखों और वास्तविक स्टॉक में कोई अंतर पाया जाता है, तो यह गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, योगेन्द्र कुमार गुप्ता के देवरिया और गोरखपुर विद्युत स्टोर के प्रभार संबंधी आदेशों की भी निष्पक्ष समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है।

विजिलेंस जांच की प्रतीक्षा

शिकायतकर्ता ने आग्रह किया है कि मामले की स्थानीय स्तर पर जांच कराने के बजाय, यूपीपीसीएल की विजिलेंस विंग से तकनीकी टीम गठित कर जाँच कराई जाए। परिषद ने प्रमुख सचिव ऊर्जा से मांग की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी डिजिटल लॉग और स्टोर के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाए ताकि उनमें कोई छेड़छाड़ न हो सके। अब सभी की निगाहें शासन द्वारा लिए जाने वाले निर्णय और विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

संबंधित और अन्य महत्वपूर्ण खबरें

✍️ अपनी राय दें (Leave a Comment)

आपका ईमेल पता सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।