महराजगंज में किसान दिवस का आयोजन
महराजगंज जिले के विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (CDO) महेंद्र कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए किसानों ने कृषि से जुड़ी अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखा। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को आगामी रबी सीजन के लिए तैयार करना और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान करना था।
खाद की बिक्री और टैगिंग पर गंभीर सवाल
बैठक में किसानों ने उर्वरकों की आपूर्ति और बिक्री में हो रही अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। मिठौरा ब्लॉक के बरवा राजा गांव के किसान अजय चौरसिया ने आरोप लगाया कि यूरिया और डीएपी खाद के साथ नैनो यूरिया व नैनो डीएपी की अनिवार्य टैगिंग की जा रही है। उन्होंने शिकायत की कि विक्रेताओं द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेची जा रही है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सिसवा ब्लॉक के परसा गिदही गांव के निवासी रमेश चंद्र पटेल ने भी क्षेत्र में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने बल दिया कि खाद की आपूर्ति भूमि की आवश्यकता और मांग के अनुसार होनी चाहिए। सदर ब्लॉक के सुरहुरवां गांव के किसान संतराज यादव ने खाद, बीज और उद्यान विभाग से जुड़े संसाधनों को समय पर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि रबी फसल की बुवाई में देरी न हो।
पराली प्रबंधन और अधिकारियों का निर्देश
उप कृषि निदेशक संजीव कुमार ने किसानों को धान की पराली न जलाने के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से न केवल मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। उन्होंने चेतावनी दी कि पराली जलाने की घटनाओं पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। एआर कोऑपरेटिव सुनील गुप्ता ने उर्वरकों के वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि खाद की अधिक मात्रा उपज बढ़ाने की गारंटी नहीं है, बल्कि यह लंबे समय में जमीन को नुकसान पहुंचा सकती है।
बैठक में मौजूद मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र चौधरी और जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि उर्वरकों की कालाबाजारी और जबरन टैगिंग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त जांच की जाएगी। आगामी रबी सीजन को देखते हुए खाद और बीज की सुचारू आपूर्ति के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित कर दिया गया है।