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महाराजगंज न्यूज़: पीएमश्री स्कूलों में बाल उत्सव से निखरेगी बच्चों की प्रतिभा

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जिले के 25 पीएमश्री स्कूलों में होगा बाल उत्सव

महराजगंज जिले के शैक्षणिक माहौल को और अधिक सृजनात्मक बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक नई पहल की है। जिले में संचालित सभी 25 पीएमश्री स्कूलों में ‘बाल उत्सव’ और ‘प्रगति मेला’ का आयोजन किया जाएगा। शासन द्वारा इस आयोजन के लिए प्रत्येक विद्यालय को 15 हजार रुपये की धनराशि आवंटित की गई है, ताकि बच्चों की छिपी प्रतिभा को एक बेहतर मंच मिल सके। इन स्कूलों में वर्तमान में सात हजार से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं, जो इस आयोजन का सीधा लाभ उठाएंगे।

आयोजन का उद्देश्य और वैज्ञानिक सोच का विकास

इस बाल उत्सव का मुख्य उद्देश्य छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है। इसके माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह मेला बच्चों को खेल-खेल में गणित की बारीकियां समझने, समाचार लेखन की तकनीक सीखने और कहानी वाचन जैसे रचनात्मक कार्यों में पारंगत होने का अवसर प्रदान करेगा।

मेले की प्रमुख विशेषताएं:

  • गणित और ज्यामिति की अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से सीखना।
  • विज्ञान के विभिन्न प्रोजेक्ट तैयार करना ताकि उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित हो सके।
  • छात्रों में टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का संचार करना।
  • खुली चर्चा और क्रॉस लर्निंग के माध्यम से नए शैक्षिक तरीकों को अपनाना।

अधिकारियों का क्या है कहना

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सुरजीत कुमार सिंह ने बताया कि पीएमश्री स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘बाल उत्सव के माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ेगी और उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा। प्रत्येक विद्यालय को इसके लिए 15 हजार रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई है, ताकि व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे।’

प्रशासन का यह कदम उन सात हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है जो पीएमश्री स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस आयोजन से न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, बल्कि बच्चों को किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक और नवाचार आधारित शिक्षा से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। आगामी दिनों में इन विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों के साथ उत्सव की शुरुआत की जाएगी, जिसका स्थानीय अभिभावकों और शिक्षाविदों द्वारा भी स्वागत किया जा रहा है।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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