घटना का विवरण
गोरखपुर एम्स (AIIMS) की कार्यकारी निदेशक (ED) मेजर जनरल (सेवानिवृत) डॉ. विभा दत्ता की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें बुधवार को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. दत्ता बुधवार सुबह अपने आधिकारिक आवास पर अचेत अवस्था में पाई गई थीं। उन्हें तत्काल एम्स की इमरजेंसी में ले जाया गया, लेकिन उचित सुधार न होने के कारण दोपहर बाद उन्हें एक निजी चिकित्सा संस्थान में स्थानांतरित कर दिया गया। उनकी आयु लगभग 70 वर्ष है और वर्तमान में चिकित्सक उनकी स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रहे हैं।
प्रशासनिक और चिकित्सा स्थिति
एम्स गोरखपुर के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि डॉ. विभा दत्ता की स्थिति अभी चिंताजनक बनी हुई है। एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम निजी अस्पताल में उनके उपचार में सहयोग कर रही है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यदि उनकी स्थिति स्थिर होती है, तो उन्हें बेहतर और उन्नत उपचार के लिए एयर एंबुलेंस के माध्यम से दिल्ली ले जाने की योजना है। एम्स की मीडिया सेल की चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने जानकारी दी कि वर्तमान में वे उपचार के तहत हैं और उनकी स्थिति में सुधार की प्रतीक्षा की जा रही है। उन्होंने पद के अत्यधिक कार्यभार और तनाव को भी एक संभावित कारण बताया है।
घटना की पृष्ठभूमि और स्थानीय चर्चा
इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर भी चर्चा छेड़ दी है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि सात वर्ष पूर्व स्थापित होने के बावजूद, एम्स अपनी ही शीर्ष कार्यकारी अधिकारी को आपातकालीन स्थिति में उपचार देने में अक्षम रहा और उन्हें बाहर ले जाना पड़ा। डॉ. विभा दत्ता ने 30 जनवरी 2025 को एम्स गोरखपुर की पांचवीं कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था। सूत्रों के अनुसार, घटना से पूर्व मंगलवार रात उनकी मुलाकात एम्स की ही एक महिला अधिकारी से हुई थी, जिसके दौरान किसी विषय पर तीखी नोकझोंक होने की चर्चा है। प्रशासन इस बिंदु पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं कर रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई
डॉ. दत्ता को अस्पताल स्थानांतरित करते समय सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए एम्स पुलिस को सक्रिय किया गया था। पुलिस ने एंबुलेंस के सुचारू आवागमन के लिए अस्पताल से लेकर मुख्य मार्ग तक रास्ता खाली कराया ताकि उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरी निगरानी रखी जा रही है।