अधिवक्ताओं ने निकाली बाइक रैली
महराजगंज सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शनिवार को अपने अधिकारों की रक्षा और कथित उत्पीड़न के विरोध में एक सशक्त बाइक रैली का आयोजन किया। उच्च न्यायालय में अधिवक्ताओं के कथित अपमान और अवमानना की कार्रवाई के खिलाफ आक्रोशित अधिवक्ताओं ने अपने विरोध को सड़क पर प्रदर्शित किया। यह रैली सिविल कोर्ट परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख सक्सेना चौक तक निकाली गई।
क्या है अधिवक्ताओं की मुख्य मांगें
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरेंद्र मिश्रा और महामंत्री प्रमोद त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदेशव्यापी चार सूत्री मांगों को लेकर है। अधिवक्ताओं का मुख्य आरोप है कि 27 और 28 अक्टूबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों द्वारा अधिवक्ताओं को अपमानित किया गया और उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई की गई। महामंत्री प्रमोद त्रिपाठी ने कहा, “अधिवक्ताओं का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम सरकार और न्यायपालिका से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हैं।”
प्रत्येक शनिवार जारी रहेगा विरोध
बार एसोसिएशन ने यह घोषणा की है कि जब तक उनकी चार सूत्री मांगों पर सरकार और संबंधित प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक सिविल कोर्ट महराजगंज के अधिवक्ता प्रत्येक शनिवार को अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। बाइक रैली के उपरांत कचहरी परिसर में एक आमसभा का आयोजन किया गया, जिसमें आंदोलन को और अधिक गति देने पर रणनीति बनाई गई। वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ता सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों पर चलते हुए अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हैं।
बैठक में शामिल रहे प्रमुख पदाधिकारी
प्रदर्शन और सभा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय अधिवक्ता उपस्थित रहे। इसमें पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, अनूप सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, वकील प्रजापति, वशिष्ठ मिश्रा, संतोष पटेल, सुरेंद्र सिंह गांधी, महताब, अभिजीत सिंह, जमशेद आलम, गणेश प्रसाद, द्विजेंद्र दूबे, हरेंद्र मिश्रा, कैलाश अग्निहोत्री, कौशल किशोर पांडेय, दयाराम चौधरी, आशीष शुक्ला, महेंद्र पांडेय, गिरिजेश मिश्रा और अरुण सिंह सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे। सभी अधिवक्ताओं ने एक सुर में अपने सम्मान और पेशे की गरिमा बनाए रखने की शपथ ली।