शाकाहार और सात्विक जीवन का महत्व
महराजगंज जिले के कोल्हुई बाजार स्थित एक स्थानीय विद्यालय परिसर में जयगुरुदेव संस्था द्वारा एक भव्य आध्यात्मिक शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्हें शाकाहार, सदाचार और नैतिक मूल्यों के पालन का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक जीवन पद्धति और सात्विक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।
नशे से दूर रहने की अपील
शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य उपदेशक अवधेश मौर्या ने विस्तार से बताया कि एक स्वस्थ और सुखी जीवन व्यतीत करने के लिए शाकाहार को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना अत्यंत अनिवार्य है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल खानपान ही नहीं, बल्कि विचारों और व्यवहार में भी शुद्धता होना आवश्यक है। अवधेश मौर्या ने उपस्थित जनसमूह से नशा मुक्ति और बुरी आदतों का त्याग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संयमित और सात्विक जीवन ही समाज को सही दिशा दे सकता है।
नैतिक मूल्यों पर जोर
कार्यक्रम के दौरान सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रेम, दया, करुणा और परोपकार जैसे मानवीय गुणों को अपनाने पर बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सदाचार का पालन करने से ही समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत होती है।
प्रमुख उपस्थित सदस्य
इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग शामिल हुए:
- वीरेंद्र कुमार (जिला अध्यक्ष)
- शिव सहाय त्रिपाठी (कोषाध्यक्ष)
- रामनयन (ब्लॉक अध्यक्ष)
- राम उजागिर (तहसील अध्यक्ष)
- सुग्रीव, रीता शर्मा, संजू गुप्ता, अंकित, प्रहलाद यादव और दूधनाथ गुप्ता
शिविर के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यों को जारी रखने की बात कही गई।