श्मशान घाट की जमीन पर अतिक्रमण का खुलासा, राजस्व टीम ने की पैमाइश
कुशीनगर जिले के तमकुहीराज तहसील अंतर्गत बहादुरपुर गांव में श्मशान घाट की भूमि पर किए गए अतिक्रमण का बड़ा खुलासा हुआ है। सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर दुलुमदासी पोखरा के निकट स्थित श्मशान घाट की भूमि की विधिवत पैमाइश की। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि श्मशान घाट की जमीन के कुछ हिस्से पर निजी कब्जा है। राजस्व टीम ने मौके पर ही संबंधित व्यक्तियों को अवैध कब्जा तत्काल प्रभाव से हटाने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
भाजपा नेता निलय सिंह की पहल पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई
यह पूरा मामला ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही शिकायत से जुड़ा है। स्थानीय निवासियों का कहना था कि सरकारी अभिलेखों में श्मशान घाट का रकबा लगभग 23.5 कट्ठा दर्ज है, लेकिन मौके पर जमीन का भौतिक स्वरूप कम होने के कारण ग्रामीणों को अंतिम संस्कार में असुविधा हो रही थी। भाजपा नेता निलय सिंह ने ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) तमकुहीराज से मुलाकात की थी।
निलय सिंह ने बताया कि श्मशान घाट एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है और इसका अतिक्रमणमुक्त होना आवश्यक है। उनके द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी ने 16 अक्टूबर 2026 को ही नायब तहसीलदार तरया शिवशंकर मिश्र के नेतृत्व में एक राजस्व टीम का गठन किया था। इसी आदेश के अनुपालन में सोमवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
आगे की रणनीति और ग्रामीणों की उम्मीदें
राजस्व टीम के साथ नायब तहसीलदार शिवशंकर मिश्र, कानूनगो हरेंद्र प्रसाद तथा लेखपाल रविकांत कुशवाहा, रंजीत कुमार और सतीश सिंह मौजूद रहे। इस दौरान ग्राम प्रधान संतोष गुप्ता, आचार्य प्रद्युम्न पांडेय, मनोज सिंह, संतराज कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित थे। प्रशासन ने पैमाइश के बाद जमीन का सीमांकन सुनिश्चित करने की बात कही है।
ग्रामीण अब इस बात पर टिकी हैं कि अतिक्रमण हटाने के बाद श्मशान घाट पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कब शुरू होगा। भाजपा नेता निलय सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि श्मशान घाट का संरक्षण और उसका सौंदर्यीकरण अब उनकी प्राथमिकता में है, ताकि स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। वर्तमान में राजस्व विभाग की इस कार्रवाई से गांव में सार्वजनिक भूमि के संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक संदेश गया है।