त्योहारी सीजन में नियमों की अनदेखी
महराजगंज में दिवाली और छठ पर्व के नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत अनपैक्ड मिठाइयों की ट्रे या कंटेनर पर निर्माण तिथि (मैन्युफैक्चरिंग डेट) और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि, जनपद के अधिकांश क्षेत्रों में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है।
नियमों का अनुपालन नहीं, केवल कागजी कार्रवाई
शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद, जनपद मुख्यालय की चुनिंदा बड़ी दुकानों को छोड़कर बाकी स्थानों पर मिठाई विक्रेताओं ने नियमों को ताक पर रख दिया है। ग्रामीण अंचलों में तो दुकानदारों को इस अनिवार्य नियम की जानकारी तक नहीं है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि खाद्य विभाग केवल त्योहारों के समय छापेमारी और नमूने लेने तक सीमित रहता है, जबकि जमीनी स्तर पर दुकानदारों को जागरूक करने या नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का प्रयास नदारद है। धानी क्षेत्र के निवासी महबूब आलम के अनुसार, छोटे हलवाई विक्रेताओं को नियमों के बारे में सूचित करने के लिए विभाग को पहले से जमीनी स्तर पर संपर्क करना चाहिए था।
जुर्माने और कानूनी प्रावधान
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत, दूध से बनी मिठाइयों के लिए एक निश्चित शेल्फ लाइफ निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई विक्रेता नियमों का उल्लंघन करता है और मिठाई पर एक्सपायरी डेट अंकित नहीं करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, पिछले डेढ़ साल में विभाग द्वारा 119 वाद दायर किए गए हैं, जिनमें दोषी विक्रेताओं से 15.81 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
अधिकारियों का पक्ष और आगे की रणनीति
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त के.के. उपाध्याय ने बताया कि दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए विभाग का विशेष अभियान दशहरा से छठ पर्व तक जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विक्रेताओं को ट्रे पर स्टीकर लगाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग की टीम कुशीनगर में जांच कर रही है और जल्द ही महराजगंज जनपद में भी अनपैक्ड मिठाइयों के मानकों की सघन जांच शुरू की जाएगी। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे मिठाई खरीदते समय दुकानदार से निर्माण और समाप्ति तिथि के बारे में अवश्य पूछें, ताकि स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।