रैली में बसों की तैनाती से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
दिवाली और छठ जैसे महापर्व के इस सीजन में महराजगंज जिले के यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को एक राजनीतिक रैली में सरकारी रोडवेज की अधिकांश बसें लगा दिए जाने के कारण महराजगंज डिपो से बसों का संचालन बुरी तरह प्रभावित रहा। जो यात्री बाहर से अपने गांव-घर लौट रहे थे, उन्हें बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करने के बाद भी गंतव्य तक पहुंचने के लिए सरकारी साधन नहीं मिल सके।
मात्र 30 बसों का हुआ संचालन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महराजगंज रोडवेज डिपो से सामान्य दिनों में कुल 76 बसों का संचालन विभिन्न रूटों पर किया जाता है। हालांकि, बुधवार को रैली के चलते 30 से अधिक बसें प्रशासन द्वारा अधिग्रहित कर ली गईं, जिसके कारण डिपो से मात्र 30 बसें ही सड़कों पर उतर सकीं। इसके अतिरिक्त, डिपो की कई अन्य बसें पहले से ही मेंटेनेंस (मरम्मत) की प्रक्रिया में हैं।
इस अव्यवस्था का असर गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे लंबी दूरी के रूटों के साथ-साथ नौतनवा, निचलौल, सिसवा, ठूठीबारी और फरेंदा जैसे स्थानीय रूटों पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया। समय पर बसें न मिलने से यात्रियों, विशेषकर पर्वों पर घर लौटने वालों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
प्राइवेट वाहनों ने उठाया मौके का फायदा
रोडवेज बसों की भारी कमी का सीधा लाभ प्राइवेट वाहन संचालकों को मिला। बस स्टेशन के बाहर टैक्सी स्टैंड जैसा नजारा देखने को मिला, जहां मजबूरी में यात्रियों ने प्राइवेट ऑटो, टेंपो और डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए इन प्राइवेट वाहनों के मनमाने किराए और मोलभाव की समस्या से भी जूझना पड़ा।
क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?
मामले पर महराजगंज डिपो के एआरएम संजय प्रेमी ने कहा, ‘परिवहन निगम के क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देशों के अनुसार, बसों को रैली के लिए भेजा गया था। बुधवार को केवल 30 बसों का संचालन स्थानीय रूटों पर किया जा सका, जबकि लंबी दूरी की बसों को नहीं भेजा जा सका। उम्मीद है कि शुक्रवार तक स्थिति सामान्य हो जाएगी और यात्रियों को राहत मिलेगी।’
फिलहाल, यात्रियों को अभी कुछ और दिन बसों की सीमित उपलब्धता के बीच यात्रा करनी पड़ सकती है। प्रशासन ने स्थिति सामान्य होने के लिए शुक्रवार तक का समय बताया है, तब तक यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना होगा।