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महाराजगंज: रसोइयों को हटाने के विरोध में बीआरसी पर प्रदर्शन

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घटना का पूरा विवरण

महाराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र में बुधवार को रसोइया संघ की सैकड़ों महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन प्राथमिक विद्यालय कोल्हुआ में कार्यरत तीन रसोइयों को बिना पूर्व सूचना के सेवा से हटाए जाने के खिलाफ किया गया। राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के बैनर तले प्रदर्शनकारी महिलाएं बेलन, करछुल और थालियां लेकर सड़कों पर उतरीं और नगर के प्राथमिक विद्यालय प्रथम से होते हुए बीआरसी (BRC) कार्यालय तक जुलूस निकाला।

प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्राथमिक विद्यालय कोल्हुआ के प्रधानाध्यापक ने विधवा विभूति देवी, ऊषा देवी और सुगंधी देवी को मनमाने ढंग से सेवा से हटा दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई 13 अक्टूबर को खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद की गई। रसोइयों का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने भोजन की गुणवत्ता की सच्चाई अधिकारियों को बताई, तो उसी खुन्नस में उन्हें हटा दिया गया। प्रदर्शनकारी अपने साथ कथित तौर पर खराब गुणवत्ता वाली दाल भी लेकर पहुंचीं, जिसमें कीड़े होने का दावा किया गया।

प्रशासन का रुख और स्थिति

आरोपों के अनुसार, सेवा से हटाए जाने के अगले दिन जब ये महिलाएं विद्यालय पहुंचीं, तो उन्हें गेट से ही बाहर निकाल दिया गया। विरोध जताने पर पुलिस बुलाने की धमकी दी गई। बीआरसी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी अनुपस्थित थे, जिसके बाद रसोइया संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन कार्यालय में सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया और इन रसोइयों को पुन: नियुक्त नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन और जिलेव्यापी हड़ताल के लिए मजबूर होंगे।

स्थानीय लोगों और व्यवस्था पर असर

इस प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष संध्या देवी, राजेंद्र प्रसाद, रामसेवक, पन्ना देवी और कैलाश गौतम सहित बड़ी संख्या में रसोइया संघ के सदस्य मौजूद रहे। मध्याह्न भोजन योजना के तहत रसोइयों के अचानक हटाए जाने के इस मामले से स्थानीय विद्यालय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन की ओर से अब तक मामले की औपचारिक जांच या जवाबदेही तय करने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। प्रभावित रसोइयों और संघ ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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