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गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे: कुशीनगर के 33 गांवों से गुजरेगी सड़क

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गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे परियोजना का विस्तार

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल को बिहार और पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना अब धरातल पर उतरने को तैयार है। लगभग 32,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाई-स्पीड कॉरिडोर न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेगा। परियोजना के तहत कुशीनगर जिला इस महत्वाकांक्षी मार्ग का एक प्रमुख हिस्सा होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है।

कुशीनगर के 33 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुशीनगर जिले की कसया तहसील के कुल 33 गांवों का चयन इस एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट के लिए किया गया है। इस परियोजना के लिए लगभग 3,000 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में बाधा न आए और सरकारी रिकॉर्ड स्पष्ट रहे, इसके लिए इन चिह्नित गांवों में भूमि की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

प्रशासनिक निर्देश और सतर्कता

  • जमीन अधिग्रहण: कसया तहसील के 33 गांवों में प्रक्रिया शुरू।
  • प्रभावित किसान: लगभग 3,000 परिवारों की भूमि का होगा अधिग्रहण।
  • प्रतिबंध: चिह्नित गांवों में जमीनों के हस्तांतरण और खरीद-बिक्री पर प्रशासन ने लगाई रोक।
  • समय सीमा: एक्सप्रेस-वे बनने के बाद गोरखपुर से सिलीगुड़ी की दूरी महज 6 घंटे में तय हो सकेगी।

स्थानीय विकास और भविष्य की संभावनाएं

यह एक्सप्रेस-वे परियोजना पूर्वांचल के विकास के लिए एक लाइफलाइन साबित होगी। गोरखपुर और सिलीगुड़ी के बीच की कनेक्टिविटी सुधरने से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिला प्रशासन अब किसानों को उचित मुआवजा देने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की तैयारी कर रहा है। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों का पालन करें और भूमि संबंधी किसी भी विवाद से बचें।

परियोजना के पूरा होने से न केवल उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सड़क मार्ग सुदृढ़ होगा, बल्कि पश्चिम बंगाल तक का सफर भी सुगम और सुरक्षित हो जाएगा। प्रशासन आने वाले दिनों में संबंधित गांवों में कैंप लगाकर किसानों की आपत्तियों का निस्तारण भी करेगा।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

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