नेपाल में तबाही के बाद गंडक का बढ़ा जलस्तर
नेपाल के रसुवा जिले में आए फ्लैश फ्लड के बाद 26 और 27 अगस्त, 2026 की दरमियानी रात उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में गंडक नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। इस अप्रत्याशित स्थिति ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ा दी। नदी का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार इतनी तेज थी कि तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों की भी चिंताएं बढ़ गईं और पूरी रात सतर्कता के बीच गुजरी।
रातभर बैराज पर डटे रहे अधिकारी
वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 26 अगस्त की रात 8:30 बजे गंडक नदी का डिस्चार्ज 1 लाख 14 हजार क्यूसेक था। ऊपरी इलाकों से आए पानी के भारी दबाव के कारण महज ढाई घंटे के भीतर रात 11 बजे तक यह डिस्चार्ज बढ़कर 1 लाख 50 हजार 200 क्यूसेक के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया और सिंचाई विभाग के अधिकारी रात भर बैराज पर डटकर स्थिति की निगरानी करते रहे।
तड़के मिली राहत, स्थिति नियंत्रण में
आधी रात के बाद नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक में कमी आने के संकेत मिले। 27 अगस्त की रात 1 बजे डिस्चार्ज घटकर 1 लाख 29 हजार क्यूसेक हुआ और सुबह 2 बजे तक यह 1 लाख 4 हजार 400 क्यूसेक पर आ गया। प्रशासन के अनुसार, सुबह 6 बजे जलस्तर 83,300 क्यूसेक दर्ज किया गया, जिसके बाद से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हालांकि, सुबह 9 बजे डिस्चार्ज फिर से 1 लाख 4 हजार 400 क्यूसेक के आसपास स्थिर बना रहा।
स्थानीय लोगों के लिए सावधानी की सलाह
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल गंडक नदी का प्रवाह सुरक्षित है, लेकिन तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार बैराज के आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में ग्रामीणों को समय पर सूचित किया जा सके। तटबंधों की सुरक्षा की निगरानी के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।