सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढही, छह की पुष्टि
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे से सुरक्षित निकाले गए अन्य छह लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह तक मलबे का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा हटा दिया गया है और अब केवल बेसमेंट का मलबा बचा है।
बेसमेंट में मरम्मत कार्य बना हादसे की वजह?
प्रशासनिक अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत के ढहने की संभावित वजह बेसमेंट में चल रहा मरम्मत कार्य और जलभराव हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसमेंट में खुदाई और मरम्मत की वजह से संरचना कमजोर हुई थी, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। घटना के समय इमारत में मौजूद कई छात्र अपने कमरों में थे क्योंकि रविवार को कॉलेज में छुट्टी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि ढहने की आवाज किसी भूकंप के झटके जैसी थी, जिसके बाद पूरे इलाके में धूल और धुएं का गुबार छा गया।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा का मुद्दा
दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इमारत के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। एक नागरिक निकाय अधिकारी ने बताया कि वे इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि क्या हाल ही में बिना अनुमति के निर्माण कार्य किया गया था। वहीं, छात्रों के संगठनों ने इस घटना पर रोष जताते हुए सरकार से कड़ी जांच की मांग की है। छात्रों का कहना है कि सत्य निकेतन में कई पुरानी इमारतें हैं जो बिना किसी सुरक्षा निरीक्षण के ‘पेइंग गेस्ट’ (PG) के रूप में चल रही हैं।
छात्रों के लिए असुरक्षित आवास का संकट
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित होने के कारण, सत्य निकेतन बड़ी संख्या में छात्रों का घर है। कैंपस में हॉस्टल की सीमित सीटों के कारण हजारों छात्र निजी हॉस्टल्स और पीजी में रहने को मजबूर हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और छात्रों का आरोप है कि यहां ज्यादातर इमारतों की हालत जर्जर है और किसी भी प्रकार का सुरक्षा ऑडिट नहीं किया जाता है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बगल की एक इमारत को खाली करा लिया है, जिसे सोमवार को ढहाए जाने की सूचना है। एम्स अस्पताल में घायलों का उपचार किया जा रहा है और पीड़ित परिवारों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।