महराजगंज के ब्लॉक प्रमुखों के लिए नई गाइडलाइन
महराजगंज जिले में विकास खंडों के प्रशासन को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। शासन द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब ब्लॉक प्रमुख (प्रशासक) पूरी तरह स्वतंत्र निर्णय नहीं ले पाएंगे। 30 जुलाई 2026 से प्रशासक का कार्यभार संभाल रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुखों को अब अपने क्षेत्र की हर फाइल और नई कार्ययोजना के लिए जिलाधिकारी (DM) से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रशासनिक नियंत्रण और नए निर्देश
जिले के 12 विकास खंडों में 1166 क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) हैं, जिनके द्वारा चुने गए ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद, शासन ने जिलाधिकारी के माध्यम से इन पूर्व प्रमुखों को 30 जुलाई 2026 से प्रशासक के रूप में नामित किया था। 8 सितंबर 2026 को शासन ने इनके कार्य करने के तरीकों को स्पष्ट करते हुए नई नियमावली जारी की है।
डीपीआरओ (DPRO) महराजगंज श्रेया मिश्रा ने जानकारी दी कि अब ब्लॉक प्रशासक सामान्य रूप से सरकारी या विभागीय बैठकें आयोजित करने के लिए स्वतंत्र नहीं होंगे। यदि किसी अपरिहार्य परिस्थिति में अधिकारियों के साथ बैठक करना आवश्यक होता है, तो उसकी कार्यवृत्त (Minutes of Meeting) की प्रति जिलाधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। यह व्यवस्था आगामी पंचायत चुनाव होने तक प्रभावी रहेगी।
भुगतान और कार्ययोजना पर स्थिति
नियमों के अनुसार, जिन कार्यों को 30 जुलाई 2026 से पूर्व स्वीकृति मिल चुकी थी और जिनका तकनीकी मूल्यांकन (Technical Evaluation) पूरा हो गया है, उनका भुगतान पुरानी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। हालांकि, भविष्य की किसी भी नई कार्ययोजना को मूर्त रूप देने के लिए अब संबंधित विभाग के माध्यम से डीएम की औपचारिक सहमति अनिवार्य है। इस कदम का उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखना और कार्यों की निगरानी को और अधिक सख्त करना है। महराजगंज जिले में यह आदेश जिलाधिकारी की सहमति के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।