सोनौली सीमा पर मालवाहकों की 10 किमी लंबी कतार, नेपाल भंसार में जगह की कमी
महराजगंज जिले की भारत-नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर इन दिनों मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण प्रमुख मार्गों के क्षतिग्रस्त होने का सीधा असर व्यापारिक आवाजाही पर पड़ा है। सीमा पर मालवाहक वाहनों की कतार करीब 10 किलोमीटर तक पहुंच गई है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।
नेपाल में सड़कों की बदहाली से बढ़ी समस्या
नेपाल के काठमांडू और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ने वाले मुख्य राजमार्गों पर भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाएं हुई हैं। इन मार्गों पर बड़े वाहनों का आवागमन बाधित होने के कारण भारत से जाने वाले मालवाहक वाहन नेपाल भंसार (नेपाल सीमा शुल्क) क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। सोनौली सीमा पर मौजूद भारतीय अधिकारियों के अनुसार, नेपाल भंसार परिसर में मालवाहकों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध न होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
प्रशासन की पहल और समन्वय
सोनौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक महेंद्र कुमार मिश्रा ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि मालवाहक वाहनों को नेपाल सीमा में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण भारतीय क्षेत्र में सड़क पर वाहनों की कतार लग रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समस्या के समाधान के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की जा रही है ताकि जाम को नियंत्रित किया जा सके और मालवाहकों की आवाजाही को सुगम बनाया जा सके।
व्यापार और दैनिक जीवन पर असर
सोनौली सीमा के माध्यम से भारत से नेपाल में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, दवाइयां और खाद्य सामग्री की निरंतर आपूर्ति की जाती है। नेपाल में इन आवश्यक वस्तुओं की मांग के कारण वाहनों का आवागमन जारी है, लेकिन आगे के मार्गों पर सड़क की खराब स्थिति के कारण इन वाहनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
- जाम का कारण: नेपाल भंसार में जगह का अभाव और राजमार्गों पर भूस्खलन।
- प्रभावित क्षेत्र: काठमांडू-सोनौली मार्ग।
- वर्तमान स्थिति: 10 किमी तक वाहनों की लंबी कतार, प्रशासन द्वारा समन्वय के प्रयास जारी।
सीमा पार करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन लंबी दूरी और जर्जर सड़कों के कारण माल परिवहन का खर्च भी बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन और व्यापारी वर्ग स्थिति सामान्य होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल, चालकों को सीमा क्षेत्र में धैर्य बनाए रखने की सलाह दी गई है।