पृथ्वी हाईवे पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित
नेपाल के प्रमुख पर्यटन मार्ग ‘पृथ्वी हाईवे’ के कृष्णभीर क्षेत्र में भारी भूस्खलन और रसुवा स्थित भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। सड़क के निचले हिस्से में हुए भारी कटाव और मलबे के कारण पिछले 10 दिनों से काठमांडो, पोखरा, चितवन और लुंबिनी के बीच चलने वाली पर्यटक बसों का संचालन ठप पड़ा है। इस मार्ग के बंद होने से सोनौली सीमा के रास्ते नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
पर्यटन व्यवसाय और बसों पर असर
टूरिस्ट बस एसोसिएशन ऑफ नेपाल (टीबीएएन) के अध्यक्ष भीष्म प्रसाद न्यूपाने के अनुसार, हाईवे बंद होने के कारण बड़ी पर्यटक बसें अपने गंतव्य स्थलों पर फंसी हुई हैं। उन्होंने बताया कि चितवन-हेटौडा-फारपिंग वैकल्पिक मार्ग छोटी गाड़ियों के लिए तो खुला है, लेकिन बड़ी पर्यटक बसों का इन संकरी और घुमावदार सड़कों पर निकलना अत्यंत जोखिम भरा और असंभव है। इस स्थिति का सीधा असर होटल व्यवसायियों, स्थानीय मजदूरों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आजीविका पर पड़ा है।
हवाई यात्रा पर बढ़ा यात्रियों का दबाव
सड़क मार्ग के बंद होने के बाद यात्रियों ने अब हवाई यात्रा का रुख किया है, जिससे नेपाल के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर दबाव बढ़ गया है। एती एयरलाइंस के प्रवक्ता सुदर्शन बरतौला ने पुष्टि की है कि काठमांडो-पोखरा रूट पर यात्रियों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। मांग बढ़ने के कारण एयरलाइंस कंपनियों को उड़ानों की संख्या बढ़ानी पड़ी है। बुद्ध एयर के आंकड़ों के अनुसार, भरतपुर-काठमांडो रूट पर उड़ानों को रोजाना 5 से बढ़ाकर 9-11 कर दिया गया है।
किराये में वृद्धि और वर्तमान स्थिति
सड़क मार्ग के बाधित होने से हवाई किराए में भी लगभग 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम पर्यटकों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ा है। फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर हाईवे को बहाल करने का प्रयास जारी है, लेकिन बारिश और भूस्खलन के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने यात्रियों को नेपाल की यात्रा करने से पहले सड़क और हवाई मार्ग की ताजा स्थिति की जांच करने की सलाह दी है।