सहारनपुर मस्जिद मामले को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
बुधवार को महराजगंज में सहारनपुर की मस्जिद के कथित विध्वंस को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने अपना विरोध दर्ज कराया। पार्टी के जिलाध्यक्ष सरवर खान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सहारनपुर की घटना में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
प्रशासन की भूमिका और निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष सरवर खान ने इस घटना को अत्यंत संवेदनशील करार दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों का निपटारा संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। एआईएमआईएम की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा मस्जिदों और मदरसों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए अवैध घोषित कर बुलडोजर जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है, जो समाज के एक वर्ग में असुरक्षा और नाराजगी पैदा कर रही है।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें:
- सहारनपुर मस्जिद मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- यदि कार्रवाई नियमों के विरुद्ध पाई जाती है, तो दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो।
- विवादित स्थल पर मस्जिद के पुनर्निर्माण हेतु तत्काल कदम उठाए जाएं।
- धार्मिक स्थलों के मामले में प्रशासन द्वारा निष्पक्षता और संवेदनशीलता बरती जाए।
कार्यकर्ताओं ने जताई अपनी चिंता
प्रदर्शन के दौरान एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेताओं ने जोर देकर कहा कि देश में कानून का शासन सर्वोपरि है और कानून सभी समुदायों के लिए समान होना चाहिए। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में वसी अहमद, सफी मुहम्मद, जाहिर अब्बास, अनवर, अफसर खान, सलीमुल्लाह, मोहिउद्दीन सिद्दीकी, मौलाना अलीशेर, जमीलुल कमर सिद्दीकी, मुहम्मद हुसैन और रुहुल्लाह समेत पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने विरोध को और अधिक व्यापक बनाएंगे। वर्तमान में मामला राष्ट्रपति कार्यालय को प्रेषित कर दिया गया है और स्थानीय स्तर पर प्रशासन इस स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।