जिला अस्पताल में अव्यवस्था से मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
महाराजगंज जिला अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की अव्यवस्था और जांच सेवाओं में अत्यधिक समय लगने के कारण मरीजों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। पर्ची बनवाने से लेकर चिकित्सक से परामर्श लेने और जांच की रिपोर्ट प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया में चार से पांच घंटे का समय व्यतीत हो रहा है, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं।
जांच केंद्रों पर भारी दबाव और सीटी स्कैन का लंबा इंतजार
बुधवार को अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ देखी गई। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीटी स्कैन के लिए मरीज सुबह से ही केंद्र के बाहर डटे हुए हैं, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी नंबर नहीं आ पा रहा है। सिसवा निवासी पंकज और बगहा के सनाउल्लाह जैसे कई मरीज सुबह छह-सात बजे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दोपहर तक उन्हें कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला। आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को अस्पताल में 35 अल्ट्रासाउंड, 80 डिजिटल और 20 मैनुअल एक्सरे किए गए, जबकि सीटी स्कैन कक्ष में 40 पर्चे लगाए गए थे। मरीजों की बढ़ती संख्या और सीमित संसाधनों के बीच यह दबाव लगातार बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का दर्द और प्रशासन का पक्ष
बेलवा बुजुर्ग निवासी जयकृष्ण पटेल ने बताया कि वे अपनी बच्ची के उपचार के लिए काउंटर पर आधे घंटे से लाइन में लगे हैं। वहीं, सिसवा निवासी समीर ने भी बताया कि लंबी कतारों के कारण उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में भारी कठिनाई हो रही है। इन शिकायतों पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को मरीजों की सहायता के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। डॉ. द्विवेदी ने आश्वासन दिया कि उपलब्ध संसाधनों के भीतर समय पर उपचार सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है और किसी भी स्तर पर होने वाली समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा।