अमृत सरोवर परियोजना में अनियमितता का मामला
महराजगंज जिले के सिसवा बाजार स्थित मीराबाईनगर वार्ड संख्या 25 में निर्माणाधीन अमृत सरोवर परियोजना में कथित भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितता की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले से जुड़े तीन जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन की संस्तुति की है।
जांच समिति की रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई
इस पूरे मामले की शुरुआत 18 जुलाई 2026 को स्थानीय निवासी बृजेंद्र सिंह द्वारा की गई शिकायत से हुई थी। शिकायत में परियोजना निर्माण में मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए गए थे। जिलाधिकारी ने 20 जुलाई को एसडीएम निचलौल, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता और उपायुक्त श्रम एवं रोजगार की एक तीन-सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। 22 अगस्त को समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
- निलंबन की संस्तुति: तत्कालीन अधिशासी अधिकारी संदीप कुमार सरोज, अवर अभियंता देवेंद्र कुमार और लिपिक विनोद कुमार के विरुद्ध निलंबन की अनुशंसा करते हुए प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र भेजा गया है।
- स्पष्टीकरण की मांग: नगर पालिका सिसवा बाजार के वर्तमान अधिशासी अधिकारी विंध्याचल और तत्कालीन अधिशासी अधिकारी प्रियंका मिश्रा से पर्यवेक्षणीय दायित्वों में लापरवाही के चलते स्पष्टीकरण मांगा गया है।
तीन किशोरों की मौत के बाद तेज हुई जांच
इस परियोजना की विभीषिका तब सामने आई जब 2 अगस्त को निर्माणाधीन पोखरे में नहाने के दौरान सिसवा कस्बे के तीन किशोरों – नितेश, रजत और किसन – की डूबकर मौत हो गई थी। इस दुखद घटना ने परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के तुरंत बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का दौरा किया था। प्रशासन ने ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे पहले ही जेल भेज दिया था, और अब जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासनिक अधिकारियों पर भी गाज गिरनी शुरू हो गई है।
जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन से संचालित विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति प्रशासन की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। भविष्य में जनहित कार्यों में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सिसवा बाजार के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए दोषियों पर ठोस कार्रवाई की मांग की है।