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महराजगंज: पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए दूसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी

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कलेक्ट्रेट परिसर में दूसरे दिन भी डटे रहे आंदोलनकारी

महराजगंज जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जनहित किसान पार्टी का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामसुंदर दास के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन के समक्ष चार प्रमुख मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें महराजगंज जिले के चार अलग-अलग गंभीर मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। प्रमुख मांगों का विवरण निम्नलिखित है:

  • पनियरा थाना क्षेत्र: नाबालिग दिव्यांग बच्ची से जुड़े मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, पीड़िता के परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने और चिकित्सकीय जांच में हुई कथित लापरवाही की जांच करने की मांग।
  • परसाबेनी गांव: एक बुजुर्ग विधवा के बेटे की हत्या के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग।
  • श्यामदेउरवा क्षेत्र: बसहिया बुजुर्ग गांव में जनार्दन प्रसाद की विधवा की पट्टे की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाकर उन्हें कब्जा वापस दिलाने की मांग।
  • फरेंदा क्षेत्र: आदित्य हत्याकांड को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने, पीड़ित परिवार को धमकाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग।

न्याय की आस में कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

भूख हड़ताल स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन के स्तर पर सुनवाई न होने के कारण पीड़ितों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामसुंदर दास ने कहा कि प्रशासन को इन सभी संवेदनशील मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पीड़ितों पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी अनिवार्य है। इस विरोध प्रदर्शन में नवल कुमार, सुमित चौरसिया, विंद्रेश चौरसिया और सुमन नागवंशी समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल रहे। फिलहाल प्रशासन की ओर से इन मांगों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिला है, जिसके कारण आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

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