ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। महराजगंज जिले के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील सोनौली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय महत्व के इस सम्मेलन को देखते हुए सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सघन जांच और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने सोनौली बॉर्डर पर संयुक्त रूप से सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि बॉर्डर से गुजरने वाले हर वाहन की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है, जो विशेष रूप से आने-जाने वाले सामान और संदिग्ध बैगों की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा, सीमा क्षेत्र के प्रमुख बिंदुओं को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है, ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।
आवाजाही पर प्रशासन की विशेष नजर
सोनौली सीमा भारत और नेपाल के बीच व्यापार और पर्यटन का एक मुख्य मार्ग है। इस हाई अलर्ट के दौरान, प्रशासन ने विशेष रूप से विदेशी नागरिकों और संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। पुलिस और सुरक्षाबलों की टीमें सीमा के आसपास के होटलों और धर्मशालाओं में भी औचक निरीक्षण कर रही हैं, ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का जमावड़ा न हो सके।
स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए निर्देश
सुरक्षा के इन कड़े इंतजामों के कारण सोनौली बॉर्डर के रास्ते यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है। सीमा पर सघन जांच के चलते आवागमन में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अलर्ट ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक एहतियाती कदम है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा सके।