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गोपालगंज: 266 रुपए से अधिक में यूरिया बेचने पर होगी कार्रवाई, कृषि मंत्री के निर्देश

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गोपालगंज में यूरिया की कालाबाजारी पर कृषि मंत्री सख्त

गोपालगंज में खाद की उपलब्धता और उचित मूल्य को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार, 13 सितंबर 2026 को आयोजित कृषि टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में यूरिया की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक पर कतई नहीं की जाएगी। मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि कोई रिटेलर 266 रुपए प्रति बोरी से अधिक कीमत वसूलते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कृषि टास्क फोर्स की बैठक और निर्देश

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों को यूरिया वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों को किसी भी हाल में तय सरकारी दर पर ही खाद उपलब्ध होनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जिले के उर्वरक विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण करें और स्टॉक की जांच करें।

किसानों के लिए क्या है स्थिति?

जिले में यूरिया की कमी या कालाबाजारी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है। स्थानीय कृषि विभाग का कहना है कि यूरिया की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी खाद केंद्रों पर नजर रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की सूचना मिलने पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित मूल्य 266 रुपए से अधिक का भुगतान न करें और किसी भी अनियमितता की शिकायत संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) से करें।

निगरानी और जवाबदेही

प्रशासन की ओर से जिला कृषि पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उर्वरक के थोक और खुदरा विक्रेताओं के पास स्टॉक बोर्ड अनिवार्य रूप से लगा हो। यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने प्रवर्तन दल का भी गठन किया है जो आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न उर्वरक दुकानों पर छापेमारी कर सकता है। इस निर्णय से स्थानीय किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि बुवाई के मौसम में खाद की उपलब्धता एक प्रमुख चिंता का विषय बनी रहती है।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

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