आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ: पडरौना में दिखा उत्साह
कुशीनगर जिले में प्रदेश सरकार की ओर से आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक नई और पारदर्शी कार्यप्रणाली का श्रीगणेश किया गया है। पडरौना स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ के पोर्टल और वेबसाइट का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में इस नई डिजिटल व्यवस्था के लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई।
निगम के गठन का उद्देश्य और लाभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बताया कि इस निगम का मुख्य उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों के सेवा हितों को सुरक्षित करना है। अब तक आउटसोर्सिंग व्यवस्था में जो अनिश्चितताएं बनी रहती थीं, उन्हें दूर करने के लिए विभाग, सेवा प्रदाता एजेंसी और कर्मचारी को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है।
- पारदर्शिता: भर्ती प्रक्रिया से लेकर मानदेय भुगतान तक सब कुछ ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा।
- सामाजिक सुरक्षा: ईपीएफ और ईएसआईसी जैसे लाभों को सुनिश्चित करने की निगरानी अब अधिक प्रभावी तरीके से की जाएगी।
- सेवा विवरण: हर कर्मचारी का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा, जिससे उनके सेवा रिकॉर्ड में कोई छेड़छाड़ संभव नहीं होगी।
प्रशासनिक प्रतिबद्धता और कर्मचारियों में खुशी
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आउटसोर्स कर्मी सरकारी तंत्र की रीढ़ हैं, जो स्वास्थ्य, सफाई और नगर निगम जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में दिन-रात कार्य कर रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत न केवल मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि कर्मचारियों के प्रशिक्षण और सेवा सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिले के समस्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप इस नई प्रणाली को जमीनी स्तर पर पूरी ईमानदारी के साथ लागू किया जाए।
कार्यक्रम के समापन पर श्रम विभाग द्वारा नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मियों को पीपीई किट वितरित की गई। साथ ही, पात्रता के आधार पर लाभार्थियों को चेक भी प्रदान किए गए। पडरौना नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल और अन्य पदाधिकारियों ने इस पहल को कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत बताया। इस नई व्यवस्था से न केवल रोजगार में पारदर्शिता आएगी, बल्कि वर्षों से चली आ रही शोषक प्रवृत्तियों पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।