आपदा के बाद पहचान का संकट
नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद कुशीनगर के कंट्रोल रूम में अपनों को तलाशने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेपाल से नारायणी नदी में बहकर आए शवों की हालत खराब होने के कारण उनकी पहचान करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कंट्रोल रूम में आ रही हैं अंतरराष्ट्रीय कॉल
आपदा कार्यालय प्रभारी रवि राय के अनुसार, दिल्ली, मुंबई और तमिलनाडु के अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और सिंगापुर से भी लोग फोन कर रहे हैं। परिजनों द्वारा शरीर पर बने टैटू, चोट के निशान, तिल या कद-काठी के आधार पर अपनों की शिनाख्त की गुहार लगाई जा रही है।
14 शवों की शिनाख्त अभी बाकी
पिछले पांच दिनों में 20 से अधिक परिजनों ने संपर्क कर लापता लोगों की जानकारी ली है, लेकिन अब तक मिले 14 शवों में से किसी की भी पहचान नहीं हो सकी है। प्रशासन फिलहाल शारीरिक निशानों के आधार पर ही पहचान की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास कर रहा है, जिससे शोक संतप्त परिवारों को राहत मिल सके।