स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन पर जिलाधिकारी सख्त
कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वच्छता समिति की मासिक बैठक में जनपद की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ठोस कूड़ा प्रबंधन और तालाबों के संरक्षण पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रभावी कूड़ा प्रबंधन और तालाबों का संरक्षण
बैठक में जिलाधिकारी ने ‘मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत चयनित तालाबों की साफ-सफाई को प्राथमिकता पर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि तालाबों का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि वे जल संचयन के साथ ही स्वच्छ भी बने रहें। कूड़ा प्रबंधन को लेकर उन्होंने निर्देश दिए कि कूड़ा उठान वाली गाड़ियों का संचालन समयबद्ध हो और चिन्हित केंद्रों पर कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण अनिवार्य हो।
खराब प्रदर्शन वाले ब्लॉक पर कार्रवाई के निर्देश
समीक्षा के दौरान संतोषजनक कार्य न करने वाले विकास खंडों के प्रति जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने खड्डा, पडरौना, कसया, मोतीचक, फाजिलनगर और हाटा ब्लॉक के अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, रामकोला ब्लॉक द्वारा किए गए बेहतर कार्यों की प्रशंसा करते हुए अन्य अधिकारियों को उनसे प्रेरणा लेने की नसीहत दी। जिलाधिकारी ने घोषणा की कि 02 अक्टूबर को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ब्लॉक को पुरस्कृत किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का समन्वय
बैठक में प्रधान संघ के पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और ग्राम पंचायतों में आ रही समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन देते हुए ग्राम प्रधानों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ कुशीनगर का लक्ष्य तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर काम न करें। शौचालय निर्माण के लंबित आवेदनों को भी दो दिनों के भीतर निस्तारित करने का आदेश दिया गया है।