डोल मेले की भीड़ में फंसी जिंदगी
कुशीनगर के कसया में आयोजित ऐतिहासिक डोल मेले के दौरान बुधवार को उस समय एक चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक मरीज को लेकर अस्पताल जा रही एंबुलेंस भीषण जाम में फंस गई। भारी जनसैलाब और मेले के कारण सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव था, जिससे एंबुलेंस का सायरन बजने के बावजूद उसे निकलने की जगह नहीं मिल पा रही थी। हर गुजरता पल मरीज के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद नाजुक था।
सीओ अजय सिंह की त्वरित कार्रवाई
भीड़ के बीच एंबुलेंस के फंसने की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (CO) कसया, डॉ. अजय सिंह ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांपा। बिना किसी देरी के वे मौके पर पहुंचे और स्वयं सड़क पर उतरकर यातायात व्यवस्था का मोर्चा संभाला। उनके साथ मौजूद पुलिस टीम ने भी पूरी तत्परता दिखाते हुए आम नागरिकों और वाहन चालकों को व्यवस्थित करना शुरू किया।
सीओ के दिशा-निर्देशों पर पुलिसकर्मियों ने एक सुरक्षित कॉरिडोर बनाया, जिससे एंबुलेंस को बिना किसी और देरी के सुरक्षित रास्ता मिल सका। चंद मिनटों की मशक्कत के बाद एंबुलेंस को जाम से बाहर निकालकर अस्पताल की ओर रवाना कर दिया गया।
पुलिस के मानवीय चेहरे की सराहना
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस के मानवीय और संवेदनशील चेहरे को सबके सामने रखा है। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने सीओ डॉ. अजय सिंह की त्वरित कार्रवाई और उनकी कर्तव्यनिष्ठा की जमकर तारीफ की। नागरिकों का कहना है कि मेले जैसे बड़े आयोजन में जहां नियंत्रण बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है, वहां पुलिस की यह संवेदनशीलता सराहनीय है।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
डोल मेले में उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए सीओ कसया की खुद सड़क पर उतरकर निगरानी करना चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि मेले के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दें। इस घटना ने साबित कर दिया कि खाकी न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, बल्कि आपात स्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए भी पूरी तरह मुस्तैद है।