घटना का पूरा विवरण
कुशीनगर जिले के पडरौना कोतवाली क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कस्बा चौकी इंचार्ज वीरेंद्र बहादुर सिंह की निजी रिवॉल्वर से अचानक गोली चल गई। इस दुर्घटना में चौकी पर तैनात चौकीदार छोटेलाल जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय चौकीदार चौकी परिसर में ही मौजूद था। घायल छोटेलाल को प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक (SP) केशव कुमार ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए कस्बा चौकी इंचार्ज वीरेंद्र बहादुर सिंह को निलंबित कर दिया है। यह सवाल उठाना लाजिमी है कि एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी अपनी ड्यूटी के दौरान सरकारी पिस्टल के बजाय निजी रिवॉल्वर का उपयोग क्यों कर रहा था और चौकी जैसे संवेदनशील स्थान पर उसकी सफाई क्यों की जा रही थी। विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
पेशेवर लापरवाही पर उठते सवाल
पुलिस प्रशिक्षण के दौरान हर अधिकारी को हथियार को संभालने, खोलने, लोड करने और सुरक्षा के साथ उनकी सफाई करने की कठोर ट्रेनिंग दी जाती है। पडरौना की इस घटना ने पुलिस बल में हथियारों के रखरखाव के प्रति बरती जा रही लापरवाही की पोल खोल दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, तो ऐसी दुखद घटनाओं को टाला जा सकता है। पडरौना कोतवाली प्रभारी ओम प्रकाश तिवारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि उनके अधीनस्थ चौकी इंचार्ज निजी हथियार के साथ ड्यूटी पर तैनात थे, जिसकी जानकारी उन्हें क्यों नहीं थी।
मामले की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में पुलिस विभाग इस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। चौकीदार की स्थिति स्थिर होने की प्रतीक्षा की जा रही है ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें। जिले के अन्य पुलिस थानों में भी हथियारों के उपयोग को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना कुशीनगर पुलिस के लिए एक सबक की तरह है, जहां अब हथियारों के रखरखाव और ड्यूटी के दौरान उनके सुरक्षित संचालन को लेकर दोबारा समीक्षा की जा रही है।