घटना का पूरा विवरण
कुशीनगर जिले के तमकुहीराज थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में रखे गए एक ट्रक से महत्वपूर्ण पार्ट्स गायब होने का मामला सामने आया है। वाहन स्वामी अखिलेश ठुकराई के अनुसार, उनका ट्रक (यूपी-53 जीटी-7841) 29 अगस्त 2026 की रात पुलिस द्वारा पकड़ा गया था। इसके बाद वाहन को पुलिस की निगरानी में खड़ा किया गया था।
वाहन स्वामी का आरोप है कि जब उन्होंने न्यायालय से रिलीज आदेश प्राप्त करने के बाद 2 अक्टूबर 2026 को ट्रक लिया, तो वह स्टार्ट नहीं हुआ। जांच करने पर पता चला कि ट्रक का ‘सेल्फ’ गायब था। इस घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जीपीएस ने खोले मूवमेंट के राज
इस मामले में एक और हैरान करने वाली बात जीपीएस रिकॉर्ड के जरिए सामने आई है। आवेदन में दावा किया गया है कि पुलिस द्वारा ट्रक को कब्जे में लेने के बाद भी, रिकॉर्ड में वाहन का मूवमेंट दर्ज हुआ। वाहन स्वामी के अनुसार, जब ट्रक पुलिस की कस्टडी में था, तब भी छह मिनट तक उसके हिलने की गतिविधि दर्ज की गई है। यह तथ्य अब मामले को और संदिग्ध बना रहा है कि कस्टडी में खड़ा वाहन आखिर कैसे चला?
पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार
वाहन स्वामी अखिलेश ठुकराई ने 3 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में पूरी घटना की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि पुलिस की कड़े पहरे और निगरानी में वाहन सुरक्षित क्यों नहीं था? साथ ही, गायब हुए सेल्फ और जीपीएस में दर्ज मूवमेंट के बीच की कड़ी को स्पष्ट करने का आग्रह किया है।
मामले की वर्तमान स्थिति
पीड़ित ने मांग की है कि 29 अगस्त से 2 अक्टूबर के बीच की पूरी अवधि की जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इस मामले में आरोपों की पुष्टि पुलिस की ओर से आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित अधिकारियों द्वारा इस घटनाक्रम की तकनीकी जांच किए जाने की उम्मीद है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाहन से पुर्जे कब और किन परिस्थितियों में हटाए गए और छह मिनट तक मूवमेंट की असल वजह क्या थी।