बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की सक्रियता
कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। बाढ़ का पानी जिन गांवों में जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, वहां तहसील प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। उप जिलाधिकारी (SDM) तमकुहीराज कुणाल गौरव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं।
राहत टीमों का जमीनी स्तर पर कार्य
बाढ़ प्रभावित गांवों जैसे कि विरवट कोंहवालिया और बेदूपार एहतमाली में राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पहुंच रहे हैं। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य बाढ़ से घिरे परिवारों तक भोजन, शुद्ध पेयजल और अन्य आवश्यक राहत सामग्री को सुरक्षित रूप से पहुंचाना है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ के कारण किसी भी परिवार को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है और उनकी जरूरतों के आधार पर सहायता प्रदान की जा रही है।
एसडीएम की सीधी निगरानी
उप जिलाधिकारी कुणाल गौरव खुद राहत कार्यों की जमीनी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे प्रभावित गांवों से आने वाली हर सूचना पर गंभीरता से नजर बनाए हुए हैं। तहसील कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रभावित इलाकों का नियमित निरीक्षण करें और वहां के हालातों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपें। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
बाढ़ पीड़ितों को मिली राहत
लगातार हो रही प्रशासनिक सक्रियता से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को काफी संबल मिल रहा है। पानी के बीच अपने घरों में कैद या प्रभावित परिवारों का कहना है कि समय पर मिल रही सहायता से उन्हें इस मुश्किल घड़ी में बड़ी राहत मिली है। प्रशासन की ओर से लोगों को यह भरोसा भी दिया गया है कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में स्थानीय राजस्व कार्यालय या प्रशासनिक हेल्पलाइन के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और अगले कुछ दिनों तक राहत वितरण का यह सिलसिला प्रभावित क्षेत्रों में जारी रहेगा।