लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ के नारे के साथ सपा का प्रदर्शन
कुशीनगर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जिलाध्यक्ष रामअवध यादव के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सपा कार्यकर्ता रविंद्रनगर धूस स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक बड़ा खतरा है।
सीईसी का पुतला दहन और पुलिस से नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए उनका पुतला फूंका। इस दौरान मौजूद पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है और सुनियोजित तरीके से एक वर्ग विशेष के वोट काटे जा रहे हैं।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के बाद सपा नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से तत्काल हटाया जाए। साथ ही, पार्टी ने कथित रूप से ‘वोट चोरी’ के इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। सपा नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है, जिसमें वर्तमान में भारी कोताही बरती गई है।
मुख्य रूप से ये रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल रहे। इनमें पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह, शाहिद लारी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विक्रमा यादव, राजेश राव उर्फ बंटी, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज यादव, रूपेंद्र यादव, संजय यादव, मिठाई यादव, विजेंद्र पाल यादव, रामलखन यादव, विजय यादव, उदय नारायण गुप्ता, संजय गुप्ता, मधुश्याम राय, आजम, टीटू अंसारी, गोविंद गोंड़, हरीश राणा, इलियास अंसारी, राजेंद्र उर्फ मुन्ना यादव, शैलेंद्र प्रताप सिंह, पवन दुबे, रणविजय सिंह, भोला यादव और विजय यादव प्रमुख थे। सपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि जब तक मतदाता सूची में पारदर्शिता नहीं लाई जाती, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।