नारायणी नदी के तटीय क्षेत्रों का लिया जायजा
कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र में शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. चंद्र प्रकाश ने स्वास्थ्य सेवाओं और बाढ़ सुरक्षा की तैयारियों का औचक निरीक्षण किया। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने नारायणी नदी के भैंसहा ठोकर संख्या-2 और 3 से की। सीएमओ ने नेपाल में उपजी त्रासदी के परिप्रेक्ष्य में तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा और बाढ़ के दौरान संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों के बारे में जानकारी साझा की।
स्वास्थ्य टीम को अलर्ट रहने के निर्देश
भैंसहा ठोकर के निरीक्षण के बाद, डॉ. चंद्र प्रकाश ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में चिकित्सा विभाग पूरी तरह से तत्पर रहे। उन्होंने स्वास्थ्य टीमों को किसी भी आपात स्थिति के लिए कमर कसने को कहा ताकि जलभराव या अन्य आपदा के समय ग्रामीणों को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। सीएमओ ने सुरक्षात्मक उपायों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड्डा में संतोषजनक व्यवस्था
नदी के तट से लौटने के बाद सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खड्डा का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच करते समय वहां तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत पाई गई, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद किया। उन्होंने मरीजों से उन्हें प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों की उपलब्धता और उपचार के स्तर के बारे में फीडबैक लिया।
प्रशासनिक सतर्कता और आगामी कदम
निरीक्षण के उपरांत सीएमओ ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी मुआयना किया। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी खड्डा डॉ. पारस नाथ गुप्ता, आईओ पंकज कुमार गुप्ता, सुहैल अख्तर, चंदन मिश्रा और मनोज कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। डॉ. चंद्र प्रकाश ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। वर्तमान में खड्डा स्वास्थ्य केंद्र पर सभी आवश्यक सुविधाएं सामान्य रूप से संचालित पाई गई हैं।