हाटा तहसील में लंबित मांगों को लेकर लेखपालों का प्रदर्शन
कुशीनगर जनपद के हाटा तहसील मुख्यालय पर शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के चलते लेखपालों ने तहसील में आयोजित ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का पूर्णतः बहिष्कार किया। लेखपालों का आरोप है कि उनकी प्रमुख मांगें पिछले 10 वर्षों से लंबित हैं, बावजूद इसके राजस्व परिषद और शासन स्तर पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुखर विरोध दर्ज कराया। विरोध के उपरांत, लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन हाटा की तहसीलदार जया सिंह को सौंपा। संघ ने अपनी लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान की पुरजोर मांग की है। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते समय संघ के जिला एवं स्थानीय स्तर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उपस्थित पदाधिकारी और भविष्य की रणनीति
इस विरोध प्रदर्शन में लेखपाल संघ के अध्यक्ष विश्व प्रकाश राजन के साथ राजू भारती, हृदयानंद वर्मा, किशोरी लाल, सचिंद्र गुप्ता, अमर नाथ श्रीवास्तव और प्रदीप गुप्ता सहित तहसील के अन्य लेखपाल और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे आगामी समय में अपने आंदोलन को और अधिक तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
क्या है मांगें?
लेखपाल संघ की मुख्य मांगों में वेतन विसंगतियों को दूर करना, पदोन्नति के अवसर बढ़ाना और वर्षों से लंबित विभागीय समस्याओं का निस्तारण करना शामिल है। प्रशासन द्वारा इस मामले में अभी तक कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है। प्रदर्शन की वजह से समाधान दिवस के लिए आए स्थानीय फरियादियों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ा, क्योंकि प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन में लेखपालों की अनुपस्थिति ने बाधा उत्पन्न की।